सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीवर सफाई के दौरान मरण पाते कर्मचारियों को 30 लाख का मुआवजा मिलेगा
अब राज्य सरकार और नगर निकायों को अनिवार्य रूप से 30 लाख रुपये की राशि प्रदान करनी होगी जब सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मृत्यु हो। इसमें 20 अक्टूबर 2023 से पहले के बकाया मामलों को भी नया मानदंड लागू किया गया है, जबकि पहले तय दस लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर यह नई राशि तय की गई है।

सौजन्य से:- jagran.com
सीवर सफाई में मौत पर अब मिलेगा 30 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भभुआ डीएलएसए की बैठक
सीवर सफाई के दौरान मृत्यु होने पर अब 30 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा, जिसे उच्चतम न्यायालय के आदेश पर बढ़ाया गया है।
HighLights
- सीवर सफाई के दौरान मृत्यु पर अब 30 लाख रुपये मुआवजा।
- उच्चतम न्यायालय के आदेश पर मुआवजा राशि 10 से 30 लाख हुई।
- 20 अक्टूबर 2023 से लंबित दावों पर भी 30 लाख मिलेंगे।
जागरण संवाददाता, भभुआ। सीवर सफाई के दौरान किसी की मृत्यु होने पर अब 30 लाख रुपये मुआवजे का भुगतान राज्य सरकार और नगर निकाय करेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अनुराग के निर्देश पर विधिक सेवा प्राधिकार की बैठक हुई।
बैठक में जानकारी साझा करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव डॉ. शैल ने बताया कि उच्चतम न्यायालय भारत सरकार द्वारा पारित आदेशों में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मृत्यु के मामले में मुआवजा की राशि में वृद्धि की गई है।
30 लाख रुपये की राशि का भुगतान अनिवार्य
सीवर सफाई के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित राज्य सरकर और नगर निकायों को अनिवार्य रूप से 30 लाख रुपये की राशि का भुगतान करना होगा। सचिव ने बताया कि यदि किसी मामले में 20 अक्टूबर 2023 से पहले मृत्यु हुई हो, लेकिन उस तिथि तक मुआवजा का निर्धारण या भुगतान नहीं हुआ था तो उन सभी लंबित दावों को भी अब 30 लाख रुपये दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पहले यह मुआवजा राशि दस लाख रुपये निर्धारित थी। जिसे वर्तमान परिस्थति को देखते हुए बढ़ाकर 30 लाख रुपया कर दिया गया है। जिन मामलों में 20 अक्टूबर 2023 से पहले ही 10 लाख रुपये का भुगतान पूर्ण रूप से हो चुका है। उन पुराने मामलों को पुन: नहीं खोला जाएगा। सचिव ने पीड़ित परिवारों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे।
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