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नोएडा के कोर्ट ने वारेंज ग्राफिक्स के मालिक को चेक बाउंस के मामले में वित्तीय तलब का आदेश दिया

अदालत ने मैसर्स वारेंज ग्राफिक्स एंड प्रिंटर्स के प्रोपराइटर/पार्टनर सुरेश कुमार कथूरिया को बाउंस हुए तीन चेकों की राशि चुकाने का निर्देश दिया। ये चेक 50‑50 हजार रुपये के थे और 10 अप्रैल 2026 को बाउंस हो गए थे। अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित है, और आरोपी तय तिथि से पहले भुगतान कर व्यक्तिगत सुनवाई से बच सकता है।

14 सितंबर 2026 को 01:04 pm बजे
नोएडा के कोर्ट ने वारेंज ग्राफिक्स के मालिक को चेक बाउंस के मामले में वित्तीय तलब का आदेश दिया

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Noida News: चेक बाउंस मामले में प्रोपराइटर को अदालत ने किया तलब

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अदालत से-- -

माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में मैसर्स वारेंज ग्राफिक्स एंड प्रिंटर्स के प्रोपराइटर/पार्टनर सुरेश कुमार कथूरिया को को तलब करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर 2026 को नियत की गई है। अदालत में जसवंत इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर परिवाद के अनुसार विपक्षी पक्ष ने परिवादी को 50-50 हजार रुपये के तीन चेक यह इंडियन ओवरसीज बैंक दिल्ली शाखा से जारी किए थे। परिवादी ने इन चेकों को अपने बैंक आईसीआईसीआई सेक्टर-50 नोएडा शाखा में प्रस्तुत किया। लेकिन तीनों चेक एक्सीड्स अरेंजमेंट की टिप्पणी के साथ 10 अप्रैल 2026 को बाउंस होकर वापस लौटा दिए गए। इसकी सूचना विपक्षी पक्ष को दिए जाने के बावजूद उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद न्यायालय में 4 जून 2026 को न्यायालय में परिवाद दायर किया। अदालत ने कहा कि आरोपी चाहे तो नियत तिथि से पूर्व धनराशि जमा कर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट पा सकता है।

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माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में मैसर्स वारेंज ग्राफिक्स एंड प्रिंटर्स के प्रोपराइटर/पार्टनर सुरेश कुमार कथूरिया को को तलब करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर 2026 को नियत की गई है। अदालत में जसवंत इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर परिवाद के अनुसार विपक्षी पक्ष ने परिवादी को 50-50 हजार रुपये के तीन चेक यह इंडियन ओवरसीज बैंक दिल्ली शाखा से जारी किए थे। परिवादी ने इन चेकों को अपने बैंक आईसीआईसीआई सेक्टर-50 नोएडा शाखा में प्रस्तुत किया। लेकिन तीनों चेक एक्सीड्स अरेंजमेंट की टिप्पणी के साथ 10 अप्रैल 2026 को बाउंस होकर वापस लौटा दिए गए। इसकी सूचना विपक्षी पक्ष को दिए जाने के बावजूद उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद न्यायालय में 4 जून 2026 को न्यायालय में परिवाद दायर किया। अदालत ने कहा कि आरोपी चाहे तो नियत तिथि से पूर्व धनराशि जमा कर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट पा सकता है।

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