कैमूर में लोक अदालत व मध्यस्थता: वकीलों से त्वरित निपटारा हेतु सहयोग की अपील
कैमूर के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर आयोजित बैठक में सचिव डॉ. शैल ने वकालत संघ के वकीलों से मध्यस्थता और विशेष तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को समझाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इन उपायों से लंबी अदालती प्रक्रियाओं के समय और खर्च में कमी आती है और कोर्ट फीस वापस मिलती है, जिससे विवादों का शीघ्र और आपसी सहमति से समाधान संभव होता है।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
मध्यस्थता और लोक अदालत के जरिए मामलों के निस्तारण के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील
अधिवक्ताओं के साथ बैठक करती विधिक प्राधिकार सचिव डॉ शैल | Prabhat Khabar Network
Kaimur News : कैमूर में लोक अदालत और मध्यस्थता से मामलों के त्वरित निस्तारण पर हुई बैठक. अधिवक्ताओं से पक्षकारों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित करने का आग्रह.
Kaimur News : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) दीपक भटनागर के निर्देश पर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के कार्यालय परिसर में बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. शैल ने की. इसमें कैमूर बार एसोसिएशन के अधिवक्ता मौजूद रहे.
विशेष लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत पर चर्चा
बैठक आगामी "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0" अभियान, 21 नवंबर को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत (एनआई एक्ट) और 12 दिसंबर को निर्धारित राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन एवं मामलों के निष्पादन को लेकर आयोजित की गयी थी. इस दौरान कार्यक्रमों की तैयारी और अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण को लेकर अधिवक्ताओं के साथ चर्चा की गयी.
पक्षकारों को मध्यस्थता और लोक अदालत के लिए करें प्रेरित
बैठक में सचिव डॉ. शैल ने उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ता समाज की रीढ़ होते हैं. उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने पक्षकारों को मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से मुकदमों के निस्तारण के लिए प्रेरित करें. इससे अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से त्वरित निष्पादन किया जा सकेगा.
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मध्यस्थता और राष्ट्रीय लोक अदालत से कई फायदे
डॉ. शैल के अनुसार, पारंपरिक अदालती मुकदमों में वर्षों का समय और काफी धन खर्च होता है, जबकि मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा कम समय में और बिना किसी अतिरिक्त अदालती खर्च के हो जाता है. उन्होंने बताया कि न्यायालय में लंबित किसी मामले का समाधान लोक अदालत के माध्यम से होने पर नियमानुसार जमा की गयी कोर्ट फीस वापस हो जाती है.
आपसी विवाद खत्म करने में भी मध्यस्थता कारगर
सचिव ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाकर आपसी रंजिश को समाप्त किया जा सकता है. इससे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान होने के साथ समाज में शांति और भाईचारा कायम रखने में भी मदद मिलती है.
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