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जयपुर में कानून की छात्रा ने साजिश रचकर माँ की हत्या की

राजस्थान के जयपुर में एक 23 साल की एलएलबी की छात्रा ने अपनी मां की सुनियोजित हत्या की साजिश रची, जिसे सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस ने बताया कि संपत्ति विवाद और सरकारी नौकरी की असहमति के कारण यह साजिश रची गई।

12 जुलाई 2026 को 04:13 am बजे
जयपुर में कानून की छात्रा ने साजिश रचकर माँ की हत्या की

सौजन्य से:- Jansatta

राजस्थान के जयपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 23 साल की एलएलबी ती छात्रा ने अपनी मां की हत्या की साजिश रची और इसे सड़क दुर्घटना देने की कोशिश की। पुलिस ने शनिवार को बताया कि संपत्ति विवाद और सरकारी नौकरी की असहमति को लेकर छात्रा ने यह साजिश रची।

एलएलबी की अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी शर्मा को इस सप्ताह गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं का कहना है कि जयपुर के प्रताप नगर में तेज रफ्तार कार से हुई सड़क दुर्घटना में उनकी 45 वर्षीय मां नीरज शर्मा की हत्या को एक सुनियोजित घटना के रूप में दिखाया गया था। 23 वर्षीय आयुषी के अलावा छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस अब उनके चचेरे भाई बलराम की तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार, आयुषी के पिता विजय कुमार शर्मा एक सरकारी कर्मचारी थी। उनकी मृत्यु के बाद आयुषी और नीरज के बीच मतभेद पैदा हो गए। पुलिस का दावा है कि आयुषी अनुकंपा के आधार मिलने वाली सरकारी नौकरी लेना चाहती थी, लेकिन वह नौकरी उसकी मां ने ले ली। आरोप है लेकिन यह विवाद धीरे-धीरे पारिवारिक संपत्ति को लेकर मतभेद में बदल गया।

जांचकर्ताओं ने बताया कि आयुषी बाद में अपना घर छोड़कर टोंक रोड स्थित कल्याण नगर के एक मकान में रहने लगी, जहां वह अपने चचेरे भाई बलराम के साथ रहती थी। पुलिस का दावा है कि यहीं पर हत्या की साजिश रची गई थी और बलराम ने भरतपुर स्थित परिवार की संपत्ति में हिस्सेदारी के बदले में साजिश में मदद करने पर सहमति जताई थी।

पुलिस का दावा है कि दोनों ने 7 लाख रुपये में एक हत्यारे को काम पर रखा था और हत्या की सुनियोजित तरीके से योजना बनाई गई थी। जांचकर्ताओं ने कहा कि संदिग्धों ने नीरज की दिनचर्या पर नजर रखी और पाया कि वह आयुषी के भाई को ट्यूशन क्लास में छोड़ने के बाद घर लौटती थी।

सहायक पुलिस आयुक्त हरिशंकर शर्मा ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से सबसे पहले इस दावे पर संदेह पैदा हुआ कि यह एक दुर्घटना थी। उन्होंने कहा कि फुटेज में साफ दिख रहा था कि कार करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। कार के निकलने के लिए पर्याप्त जगह थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि उसने जानबूझकर उसे टक्कर मारी।

आगे की जांच में पुलिस को कुछ ऐसे लोग भी मिले जो लगातार फोन पर बात कर रहे थे। आरोप है कि ये लोग नीरज की गतिविधियों पर नजर रखने वाले उसके साथी निकले। पुलिस अब सभी संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

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