सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला विवाद पर आज होगी सुनवाई, मंदिर और मस्जिद पक्ष रखेंगे अपनी बात
मंदिर और मस्जिद दोनों पक्षों की ओर से न्यायालय में अपनी बात रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही खसरा नंबर 612 पर शुक्रवार की नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी। अब इस मामले में आगे क्या निर्देश मिलेंगे, इसको लेकर सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं।

सौजन्य से:- Jagran
भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, मंदिर और मस्जिद पक्ष अदालत के सामने रखेंगे बात
ऐतिहासिक भोजशाला विवाद को लेकर पांच और छह अगस्त को सुनवाई टलने के बाद अब आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की संभावना है। सुनवाई में मंदिर और मस्जिद दोनों प ...और पढ़ें
HighLights
- कोर्ट के निर्देश के बाद खसरा नंबर 612 पर दो बार पढ़ी जा चुकी है शुक्रवार की नमाज
- ऐसे में इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सबकी निगाहें टिकी हैं
जेएनएन, धार। ऐतिहासिक भोजशाला विवाद को लेकर पांच और छह अगस्त को सुनवाई टलने के बाद अब आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की संभावना है। सुनवाई में मंदिर और मस्जिद दोनों पक्षों की ओर से न्यायालय में अपनी बात रखी जाएगी।
चूंकि बुधवार की सुनवाई के दो दिन बाद 14 अगस्त को शुक्रवार है। ऐसे में इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सबकी निगाहें टिकी हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 वाले स्थल पर शुक्रवार की नमाज दो बार पढ़ी जा चुकी है।
बता दें कि भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर मानने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था।
इसके साथ ही मस्जिद पक्ष की ओर से दायर याचिका की 14 जुलाई को सुनवाई करते हुए शीर्ष कोर्ट ने अंतिम निर्णय तक भोजशाला के निकट खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश दिए थे।
इसी आदेश के बाद भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या 612 की भूमि को नमाज स्थल के रूप में चिह्नित किया गया।
300 मीटर के दायरे में नमाज की व्यवस्था नहीं करने की मांग
भोजशाला में मंगलवार को नियमित सत्याग्रह हुआ। इसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके साथ ही मां वाग्देवी की स्तुति की गई।
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वहीं, श्री आद्यगौड़ बावीसा ब्राह्मण समाज के लोगों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर भोजशाला के पास 300 मीटर के दायरे में नमाज की व्यवस्था नहीं करने की मांग उठाई है। कहा कि हिंदू समाज की ओर से लगातार पूजा-अर्चना की जा रही है। ऐसे में पास में नमाज होने से पूजा के दौरान आवागमन, वाहन पार्किंग व्यवस्था प्रभावित होने और दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की स्थिति बन सकती है।
कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी ने की शिकायत
उधर, कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद खान ने आरोप लगाया कि धार शहर स्थित हजरत बाबा कमालुद्दीन चिश्ती बाबा की शान में अपशब्द कहे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रशासन को प्रमाण के तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं। जनसुनवाई में कलेक्टर को ज्ञापन देकर उन्होंने कहा है कि दरगाह को लेकर कतिपय तत्वों द्वारा अशांति फैलाने व धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों पर प्रकरण दर्ज किया जाए। ऐसा नहीं किया जाता है तो अगले शुक्रवार को धरना देंगे।
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