दिल्ली हाई कोर्ट का डीयू को नोटिस, शरणार्थी छात्र के पासपोर्ट मामले में पूछताछ
दिल्ली हाई कोर्ट ने म्यांमार के एक शरणार्थी छात्र की याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है। यह याचिका अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता को चुनौती देती है।

सौजन्य से:- Jagran
दिल्ली HC ने DU को किया तलब, अदालत ने पूछा- शरणार्थी से पासपोर्ट की उम्मीद कैसे?
दिल्ली हाई कोर्ट ने म्यांमार के एक शरणार्थी छात्र की याचिका पर दिल्ली यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। याचिका में अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के ल ...और पढ़ें
HighLights
- दिल्ली हाई कोर्ट ने डीयू को शरणार्थी छात्र के मामले में नोटिस दिया।
- म्यांमार के छात्र ने अंडरग्रेजुएट एडमिशन में पासपोर्ट शर्त को चुनौती दी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने आज यानी शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी को एक रिट पिटीशन पर नोटिस जारी किया है।
यह पिटीशन म्यांमार के एक रिफ्यूजी स्टूडेंट हेनरी हटू आंग लिन ने एडवोकेट अशोक अग्रवाल के जरिए फाइल की थी। इस पिटीशन में अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए पासपोर्ट की शर्त की वैलिडिटी को चैलेंज किया गया था।
जसमीत सिंह ने डीयू के वकील से पूछा कि आप एक रिफ्यूजी से पासपोर्ट की उम्मीद कैसे कर सकते हैं और इंस्ट्रक्शन लेने के लिए सोमवार तक का समय दिया। सुनवाई के लिए अगली तारीख 13 जुलाई रखी गई है।
इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गोपनीय मध्यस्थता दस्तावेजों की व्यवहारिक सीमाएँ: दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्णय

तमिलनाडु में उपचुनाव पर रोक, मद्रास उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को दिया निर्देश

बांग्लादेश से भारत लौटे 4 बंगाली भाषी मुसलमानों की कहानी

3 महीने की जेल की सजा: दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखा

न्यायमूर्ति सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया

राजपाल यादव की सजा बरकरार, उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में दोषसिद्धि को स्थायी किया

व्यावसायिक मुकदमे की धीमी गति पर सवाल: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के खिलाफ टिप्पणी की

सुप्रीम कोर्ट ने नई आईपीएस महिला की अपील पर सुनवाई का फैसला किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट की फटकार: ट्रायल में देरी पर पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को झिड़का
- UP गुंडा एक्ट: अपीलीय अधिकारी को ज़िला मजिस्ट्रेट के पास मामला वापस भेजने का अधिकार नहीं
- करूर भगदड़ पीड़ित परिवारों को नौकरी देने की अनुमति
- करूर भगदड़: मद्रास हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी देने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने 85 वकीलों को वरिष्ठ पदनाम से सम्मानित किया
- राजपाल यादव का चेक बाउंस कानून का मामला: दिल्ली हाई कोर्ट आज सुनाएगा फैसला
- कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 हजार कुत्तों को वैक्सीनेट किया गया
- डीजीपी और डीआईजी ने सरायकेला में दिए कड़े निर्देश

