गुरुग्राम कारागार में लोक अदालत आयोजित, एक विचाराधीन को मिली रिहाई
गुरुग्राम के जिला कारागार भोंडसी में हिंदी में लोक अदालत का आयोजन किया, जेल लोक अदालत के बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान की गई, इस दौरान एक विचाराधीन बंदी को रिहा किया गया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Gurugram News: जिला कारागार भोंडसी में लोक अदालत आयोजित
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जेल लोक अदालत के दौरान एक विचाराधीन बंदी को किया रिहा
बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला कारागार भोंडसी में बुधवार को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान एक विचाराधीन बंदी को रिहा किया गया। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम इसका आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि पात्र बंदियों को समय पर न्याय और राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान निशा ने बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कोई भी बंदी साधारण प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता और अन्य विधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है।
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे मैसिव प्लांटेशन ड्राइव के तहत जिला कारागार भोंडसी परिसर में पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया। निशा ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, भोजन की गुणवत्ता और अन्य कानूनी आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाए, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि आमजन और जरूरतमंद व्यक्ति राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला कारागार भोंडसी के जेल उप अधीक्षक अनिल, जेल स्टाफ, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता नरेश, दीपिका तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला कारागार भोंडसी में बुधवार को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान एक विचाराधीन बंदी को रिहा किया गया। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम इसका आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि पात्र बंदियों को समय पर न्याय और राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान निशा ने बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कोई भी बंदी साधारण प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता और अन्य विधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है।
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हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे मैसिव प्लांटेशन ड्राइव के तहत जिला कारागार भोंडसी परिसर में पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया। निशा ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, भोजन की गुणवत्ता और अन्य कानूनी आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाए, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि आमजन और जरूरतमंद व्यक्ति राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला कारागार भोंडसी के जेल उप अधीक्षक अनिल, जेल स्टाफ, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता नरेश, दीपिका तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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