वीज़ा होने पर भी भारत प्रवेश की गारंटी नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वैध वीज़ा रखने से विदेशी नागरिक को भारत में प्रवेश का स्वतः अधिकार नहीं मिलता। तुर्कमेनिस्तान की एक नागरिक को उसके वैध व्यवसाय वीज़ा के बावजूद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रोका गया और उसी दिन उसे वापसी का आदेश मिला।

सौजन्य से:- The Hindu
The story so far: The Delhi High Court has held that possession of a valid visa does not give a foreign national an inherent or legally enforceable right to enter India.
Justice Amit Mahajan was hearing a petition filed by a Turkmenistan citizen who was stopped at the Indira Gandhi International Airport in New Delhi despite holding a valid business visa. She had arrived in India on March 25, 2026 on the same flight as her husband who was permitted to enter the country. But she had to return to Turkmenistan the same day.
Published - October 02, 2026 06:53 pm IST
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बॉम्बे हाईकोर्ट में विजय माल्ल्या के खिलाफ 8,752 करोड़ की बकाया वसूली पर तीव्र बहस

स्थायी लोकअदालत ने लातेहार में 8‑10 साल पुराने मामलों का त्वरित निपटारा

सुप्रीम कोर्ट को अनचाही सलाह देने पर ट्रायल जज को मिला प्रश्नावली

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, स्लम वासियों को एसआरए परियोजना को जकड़ नहीं सकता

अल्लाहाबाद उच्च न्यायालय ने 10% वार्षिक वृद्धि वाले पत्नी रख-रखाव आदेश को सराहा: "नवोन्मेषी विचार"

एलएंडटी की बोली खारिज, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रतिबंध की शर्त को मान्य किया

ससुर को घरेलू हिंसा कानून के तहत जिम्मेदार नहीं ठहराया गया: दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय

केरल हाई कोर्ट ने पिता के पैसे से खरीदी गई संयुक्त‑नाम वाली संपत्ति को पत्नी की अकेली मालकिन घोषित किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट: बिना भरे ई‑चालान पर गाड़ी जप्त, पंजीयन एवं पीयूसी नवीनीकरण रोके
- सुप्रीम कोर्ट ने बिहार को गंगा के फ्लड‑प्लेन से अतिक्रमण हटाने के लिए 8 हफ्ते की अंतिम समय सीमा दी
- सुप्रीम कोर्ट ने बिहार को 8 हफ्ते में गंगा बाढ़ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का अंतिम आदेश
- सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के अनुकंपा नियुक्ति आदेश को बरकरार रखा, पोते को नौकरी मिलने की संभावना
- सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे की करुणा पदस्थापना आदेश में कोई बदलाव नहीं किया
- सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के दया‑नियुक्ति आदेश को बरकरार रखा
- सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया: चेक रद्दीकरण पर ड्रॉअर के पते पर भेजा नोटिस वैध, भले ही परिवार के सदस्य ने प्राप्त किया
- भोपाल के जिला न्यायालय ने महिला वकील के नाम को गुंडा सूची में डालने के मामले में पुलिस को 2 लाख के हर्जाने से छूट दी

