फरीदाबाद में 3 अक्टूबर को परक्राम्य लिखत अधिनियम के विवादों के निपटारे के लिये विशेष लोक अदालत आयोजित
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 3 अक्टूबर को विशेष लोक अदालत सत्र आयोजित किया जाएगा, जहाँ परक्राम्य लिखत अधिनियम से जुड़े लंबित अपील मामलों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से शीघ्र निपटाया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जितेंद्र सिंह ने पक्षकारों से इस अवसर का उपयोग करके अपने मामलों का समाधान करने का आग्रह किया है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6aac36931bbe7244e804d2cb","slug":"a-special-lok-adalat-will-be-held-on-october-3-to-settle-cases-under-the-negotiable-instruments-act-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-80330-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: परक्राम्य लिखत अधिनियम के मामलों के निपटारे को 3 अक्तूबर को लगेगी विशेष लोक अदालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: परक्राम्य लिखत अधिनियम के मामलों के निपटारे को 3 अक्तूबर को लगेगी विशेष लोक अदालत
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित अपील मामलों के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 3 अक्तूबर को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में संबंधित मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से निपटारा किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष लोक अदालत का उद्देश्य लंबित अपील मामलों का शीघ्र समाधान कर पक्षकारों को राहत प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विशेष लोक अदालत में भाग लें। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है। इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है। संबंधित पक्षकार विशेष लोक अदालत में अपने मामलों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपर्क कर सकते हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
राहुल राज
विज्ञापन
फरीदाबाद। परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित अपील मामलों के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 3 अक्तूबर को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में संबंधित मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से निपटारा किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष लोक अदालत का उद्देश्य लंबित अपील मामलों का शीघ्र समाधान कर पक्षकारों को राहत प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विशेष लोक अदालत में भाग लें। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है। इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है। संबंधित पक्षकार विशेष लोक अदालत में अपने मामलों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
राहुल राज
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में हिंदी पढ़ाने पर प्रतिबंध को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा, नौवदाय विद्यालयों हेतु 'हिन्दी' को अपनाएँ

गौहाटी हाई कोर्ट ने असम में निजी कृषि ज़मीनों पर बुलडोजर कार्रवाई को दुरुपयोग मानते हुए सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एन्शुल अम्बानी पर लॉक सर्कुलर के संबंध में सूचना देने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को निर्देश दिया, कक्षा 6 में तीसरी भाषा का अभ्यास अगले साल से शुरू किया जाए

फ़ोर्टिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के फॉरेंसिक ऑडिट आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

सत्य निकेतन हादसे में किरण बेदी को पक्षकार बनाने पर केंद्र सरकार ने जताया विरोध

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र‑रक्षा मंत्रालय को दी कड़ी फटकार, दिव्यांग सैनिकों के लाभों में देरी पर रोक
ताज़ा ख़बरें
- केन्द्र ने OBC क्रीमी लेयर मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट व CAT के सामने सुलझाने का कदम उठाया
- ओबीसी क्रीमी लेयर विवाद में सरकार के दोहरे रुख ने कोर्ट को उलझा दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने नकली मेडिकल डिग्री की PIL को खारिज किया, याचिकाकर्ता को बार‑बार दायरियों पर फटकार
- फोर्टिस ने फोरेंसिक ऑडिट आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा: उत्तर कुंजी में स्पष्ट गलती होने पर ही अदालतों को हस्तक्षेप करना चाहिए
- श्रीदेवी की चेन्नई जमीन के मुक़दमे में सुप्रीम कोर्ट ने बोनी कपूर व बेटियों को नोटिस भेजा
- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयुष मलिक की व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता को मान्यता देते हुए फैसला सुनाया
- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को 2027 से कक्षा 6 में त्रि‑भाषा व्यवस्था अपनाने का कहा

