दिल्ली मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने दी 21 सितंबर को सुनवाई की तिथि
दिल्ली में विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 47 लाख मतदाता नाम हटाए जाने को अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने 21 सितंबर को इस मामले की सुनवाई को स्वीकृत किया, जहाँ हटाए गए नामों के मानदंड, नोटिस और कारणों का प्रकाशन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है।

सौजन्य से:- Jagran
दिल्ली मतदाता सूची से नाम हटाने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 21 सितंबर को होगी सुनवाई
दिल्ली मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
HighLights
- दिल्ली मतदाता सूची से नाम हटाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
- याचिका में 47 लाख नामों को हटाने को चुनौती दी गई है।
- सुप्रीम कोर्ट 21 सितंबर को इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करेगा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई है जिसमें दिल्ली में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से याचिका पर शीघ्र सुनवाई के अनुरोध पर कोर्ट ने मामले पर 21 सितंबर को सुनवाई की सहमति दे दी।
वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष याचिका का जिक्र करते हुए मामले पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया।
भूषण ने कहा कि चुनाव आयोग ने दिल्ली में एसआइआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 47 लाख लोगों में से 33 लाख लोगों को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले की सुनवाई सोमवार को की जाएगी क्योंकि अगले सप्ताह एसआइआर से संबंधित अन्य मामले भी सूचीबद्ध हैं।
यह याचिका अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी ने दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं ने मतदाताओं को तार्किक विसंगतियां श्रेणी में रखने के लिए लागू मानदंड, परिभाषाएं, एल्गोरिदम संबंधी मानक और संचालन संबंधी दिशा निर्देश सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन लोगों को नोटिस जारी किए हैं या किन आधारों पर उनके नाम हटाए गए हैं। यह भी नहीं बताया कि जिन्हें नोटिस जारी किया गया उनमें तार्किक विसंगतियां क्या हैं और वे किस तरह अनमैप्ड हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि इस प्रक्रिया से संविधान के अनुच्छेद 14,19 और 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों के साथ साथ अनुच्छेद 325 और 326 के तहत प्राप्त संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट निर्देश दे कि दिल्ली एसआइआर प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए है उन सभी की एक समेकित और सर्च की जा सकने वाली सूची प्रकाशित की जाए। इसमें प्रत्येक मतदाता का पता और नोटिस जारी करने का विशिष्ट कारण या श्रेणी भी बताई जाए।
यह भी मांग है कि अधिकारियों को प्रत्येक नोटिस के आधार में मौजूद सटीक विसंगति और उससे संबंधित तथ्यात्मक सामग्री स्पष्ट करने का निर्देश दिया जाए, ताकि मतदाता सुनवाई की प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रख सकें।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
नैनीताल हाई कोर्ट शिफ्ट को रोकने के लिए वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनरावलोकन याचिका दायर की

सुप्रीम कोर्ट ने माँ के 'ग़ैरकानूनी' रूप से बांग्लादेश निर्वासन पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के चुनावी रजिस्टर में ‘तार्किक असंगति’ पर जारी नोटिसों के नाम और कारणों के खुलासे हेतु याचिका पर सुनवाई की

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: कक्षा 6 को थ्री‑लैंग्वेज छूट क्यों नहीं मिली?

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को नवोदय विद्यालय के लिये आवश्यक भूमि चिन्हित करने का कड़ा आदेश, भाषा नीति पर सरकार को दी फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने महिला को नौकरी से वंचित करने को नारीत्व का अपमान कहा

हाईकोर्ट ने आरक्षण विरोधी प्रदर्शन पर रोक को लेकर पुलिस को किया कड़ा उत्तर

सुप्रीम कोर्ट ने खुली/दूरस्थ शिक्षा वाले स्नातक धारकों को 3‑वर्षीय LL.B. के बाद प्रोविजनल बार पंजीकरण की अनुमति दी
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर मतदाता हटाव को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकृत किया
- सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को हिंदी शिक्षा पर अपना रुख बदलने का संकेत, जावाहर नवोदय विद्यालयों के लिये 3 महीने की समय सीमा दी
- सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को नई दिशा: नवोदय विद्यालयों के लिए 3 महीने में जमीन आवंटन का आदेश
- ममता बनर्जी को सरेम्पोरे के कोर्ट मैदान में सार्वजनिक बैठक का अनुमोदन, सीमा 1000 लोग
- सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को नवोदया विद्यालयों और हिंदी के प्रति सोच बदलने का निर्देश दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मतदाता सूची संशोधन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका को प्राथमिकता दी
- सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से कहा: नई नेवोदय स्कूल लाएँ, दिल्ली के साथ सहयोग बढ़ाएँ
- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को 2027 से कक्षा 6 में त्रि‑भाषा व्यवस्था अपनाने का कहा

