होम›अपराध›कर्नाटक जेल के DIG पर नकली सुप्रीम कोर्ट आदेश से कैदी रिहाई में हिरासत
अपराध

कर्नाटक जेल के DIG पर नकली सुप्रीम कोर्ट आदेश से कैदी रिहाई में हिरासत

जेल विभाग के DIG सोमशेखर को जेल अधिकारियों की मिलीभगत और सुप्रीम कोर्ट के बनावटी रिहाई आदेश के प्रयोग के चलते हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई अपहरण मामले में उम्रकैद सजा काट रहे शंकर अरमुगम की 2018 की रिहाई से जुड़ी है, जिसमें कई अधिकारी और सुपरिटेंडेंट ने भी सहयोग किया था। जांच में उनके सहयोग को रोकने और सूचना छुपाने की जानकारी मिलने पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

6 अक्टूबर 2026 को 04:06 am बजे
कर्नाटक जेल के DIG पर नकली सुप्रीम कोर्ट आदेश से कैदी रिहाई में हिरासत

सौजन्य से:- Aaj Tak

Sign In

Advertisement

X

कर्नाटक जेल विभाग के DIG सोमशेखर को हिरासत में लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के नकली आदेश का इस्तेमाल कर एक कैदी को कथित तौर पर रिहा करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है.

सोमशेखर पहले परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में तैनात थे. उनके पूछताछ की गई है. यह मामला कैदी शंकर अरमुगम से जुड़ा है. वह एक अपहरण के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था. लेकिन 13 नवंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट का नकली रिहाई आदेश जमा करने और 10 हजार का जुर्माना भरने के बाद उन्हें जेल से रिहाई मिल गई थी. इसी मामले में सोमशेखर को हिरासत में लिया गया है.

कैदी की रिहाई में जेल अधिकारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत की भी जांच की जा रही है. 20 मई को बेंगलुरु सेंट्रल जेल अधीक्षक ने परप्पना अग्रहरा थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. उनकी शिकायत पर परप्पना अग्रहारा थाने में मामला दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कैदी शंकर अरमुगम पर चिकपेट थाने में दर्ज एक मामले में मुकदमा चलाया गया था और उसे 12 जुलाई 2004 को उम्रकैद को 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई थी.

Advertisement

इस मामले में शंकर अरमुगम ने सजा रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी अपील डाली थी लेकिन अदालतों ने निचली अदालत के आदेश को ही बरकरार रखा. जांच में सामने आया कि उस समय SDA के तौर पर काम कर रहे श्रीकांत एस. ने कैदी शंकर की अपील के मामले में सुप्रीम कोर्ट का एक नकली आदेश तैयार किया था. इसी के आधार पर उन्हें 13 नवंबर 2018 को रिहाई मिल गई थी.

यह भी पढ़ें: आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक पुलिस ने BBA छात्र को किया गिरफ्तार

जांच के दौरान कैदी की पत्नी से भी पूछताछ की गई. उन्होंने बताया कि उस समय के चीफ सुपरिटेंडेंट ने भी उसके पति की सेंट्रल जेल से रिहाई कराने में मदद की थी. इस मामले में दो आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश किया गया है, कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है.

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि जेल विभाग के DIG और जेल-सुधार सेवा विभाग के तत्कालीन चीफ सुपरिटेंडेंट ने मामले की जांच में सहयोग नहीं किया और मामले से जुड़ी जरूरी जानकारी छिपाई. ऐसे में रविवार को उन्हें हिरासत में लिया गया और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया है.

---- समाप्त ----

TOPICS:

Advertisement

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
पंजाब सरकार के भ्रष्टाचार पर हाई कोर्ट ने दी CBI जांच का आदेश, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
अपराध

पंजाब सरकार के भ्रष्टाचार पर हाई कोर्ट ने दी CBI जांच का आदेश, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

1292 की अदालत ने सर्जन को बलात्कार के लिए दंडित किया—आज 800 साल बाद न्याय की स्थिति
अपराध

1292 की अदालत ने सर्जन को बलात्कार के लिए दंडित किया—आज 800 साल बाद न्याय की स्थिति

भारत के सरकारी बॉन्ड में हल्की स्थिरता, RBI की पहली दर वृद्धि की उम्मीद
अपराध

भारत के सरकारी बॉन्ड में हल्की स्थिरता, RBI की पहली दर वृद्धि की उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट में 37 न्यायाधीश, महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 3
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में 37 न्यायाधीश, महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 3

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया बच्चों की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हिंदी ई‑बुकलेट
अपराध

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया बच्चों की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हिंदी ई‑बुकलेट

झांसी जेल लोक अदालत में 19 मामलों का निस्तारण, बंदियों को मिली कानूनी राहत
अपराध

झांसी जेल लोक अदालत में 19 मामलों का निस्तारण, बंदियों को मिली कानूनी राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: वीज़ा भारत प्रवेश का पूर्ण अधिकार नहीं
अपराध

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: वीज़ा भारत प्रवेश का पूर्ण अधिकार नहीं

सेबी की दो जांचों में ‘कोई हेरफेर नहीं’ का निष्कर्ष, फिर भी जेन स्ट्रिट को 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना
अपराध

सेबी की दो जांचों में ‘कोई हेरफेर नहीं’ का निष्कर्ष, फिर भी जेन स्ट्रिट को 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना

ताज़ा ख़बरें