बेटे की जमानत लेने के बाद कोर्ट में गैरहाज़िर रहने वाले पिता को चार साल बाद फ़रीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया
बेटे मोहित की लूट के प्रयास में 2022 में गिरफ्तारी के बाद उसके पिता सुभाष ने जमानत ली, पर अदालत में निर्धारित तिथियों पर बार‑बार अनुपस्थित रहा। कई बार गैरहाज़िरी के बाद उसे बेल जंपर घोषित कर दिया गया और लगभग चार साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में Neemka जेल भेजा।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6ac3f3b49e85c12f3902ed3b","slug":"father-failed-to-appear-in-court-after-securing-sons-bail-arrested-after-four-years-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-81942-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बेटे की जमानत लेने के बाद अदालत में नहीं पहुंचा पिता, चार साल बाद गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बेटे की जमानत लेने के बाद अदालत में नहीं पहुंचा पिता, चार साल बाद गिरफ्तार
विज्ञापन
फरीदाबाद। लूट की कोशिश के मामले में आरोपी बेटे की जमानत लेने के बाद अदालत में पेश नहीं होने वाले जमानतदार पिता को पुलिस ने करीब चार साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चांदपुर गांव निवासी सुभाष के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में लूट की कोशिश के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने मोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना सदर बल्लभगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। बेटे मोहित की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता सुभाष ने अदालत में उसकी जमानत ली थी। इसके लिए सुभाष जमानतदार बना था। जमानतदार बनने के बाद सुभाष को अदालत में निर्धारित तारीखों पर पेश होना था, लेकिन वह लगातार अदालत से गैरहाजिर रहा। कई बार तारीख पड़ने के बावजूद पेश नहीं होने पर अदालत ने उसे बेल जंपर घोषित कर दिया था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। संवाद
विज्ञापन
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में लूट की कोशिश के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने मोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना सदर बल्लभगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। बेटे मोहित की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता सुभाष ने अदालत में उसकी जमानत ली थी। इसके लिए सुभाष जमानतदार बना था। जमानतदार बनने के बाद सुभाष को अदालत में निर्धारित तारीखों पर पेश होना था, लेकिन वह लगातार अदालत से गैरहाजिर रहा। कई बार तारीख पड़ने के बावजूद पेश नहीं होने पर अदालत ने उसे बेल जंपर घोषित कर दिया था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। संवाद
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सेबी की दो जांचों में ‘कोई हेरफेर नहीं’ का निष्कर्ष, फिर भी जेन स्ट्रिट को 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट का विस्तार: क्या मिलेगा सच्चा न्याय?

सुप्रीम कोर्ट ने CEC के फॉर्म‑6 बदलाव को अस्वीकृत, फैसलों पर रोक की संभावना

सुप्रीम कोर्ट ने दिया कड़ा संदेश: यौन अपराध रोकना, पकड़ना नहीं समाधान

सीजेआई सूर्यकांत ने न्याय में करुणा को अनिवार्य बताया

अनिल तथा गौतम भल्ला को धनशोधन केस में 14‑दिन की न्यायिक हिरासत

मतदाता सूची से नाम हटाने के लिये नोटिस अनिवार्य, केवल मृत वोटर को छोड़कर: न्यायमूर्ति उज्जल भुयन

अदालत के आदेश पर पाँच महीने बाद दुष्कर्म मामला दर्ज
ताज़ा ख़बरें
- केन्द्र ने तीन हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से माँगी: रात में भी महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए तेज़ कदम
- सुप्रीम कोर्ट ने NDPS मामले में गिरफ्तारी के आधार न बताने पर जमानत के मुद्दे पर फैसला टाला
- कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में अंडे फेंकने के विरोध में वकीयों ने मार्च किया, सड़क जाम
- सीनियर पुलिस पर आरोपों में कोई ठोस सबूत नहीं – दिल्ली हाई कोर्ट ने दंगों की जाँच जारी रखने का फ़ैसला
- सुप्रीम कोर्ट में तीन प्रमुख न्यायमूर्ति पदोन्नत, सुनीता अगारवाल के साथ महिलाओं की संख्या हुई तीन
- सिंगापुर से लौटते ही नायब सैनी ने ली दो प्रमुख बैठकों की जिम्मेदारी, कानून व्यवस्था समीक्षा और निवेश पर कैबिनेट चर्चा
- सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी ज्ञानेश कुमार मामले में सरकार व आयोग को नोटिस, फ़ॉर्म‑6 टिप्पणी के बाद सवालों की बौछार

