अनिल तथा गौतम भल्ला को धनशोधन केस में 14‑दिन की न्यायिक हिरासत
गुरुग्राम के वाटिका ग्रुप के निदेशक अनिल भल्ला और गौतम भल्ला को विशेष अदालत ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ से रोकने हेतु 14 दिनों के लिए भोंडसी जेल भेजा। अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए होगी।

सौजन्य से:- Hindustan
अनिल भल्ला और गौतम भल्ला को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
गुरुग्राम में वाटिका ग्रुप के निदेशक अनिल भल्ला और गौतम भल्ला को धनशोधन मामले में विशेष अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपियों की हिरासत की मांग की थी, क्योंकि वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते थे। अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को होगी।
गुरुग्राम, गौरव चौधरी। वाटिका ग्रुप के निदेशक अनिल भल्ला और गौतम भल्ला का सोमवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद धनशोधन मामले की विशेष अदालत में ईडी ने दोनों को पेश किया। दोनों कोर्ट के आदेश पर 14 दिनों के लिए न्याययिक हिरासत में भोंडसी जेल में भेज दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के माध्यम से अदालत में याचिका दाखिल कर आरोपी अनिल भल्ला और गौतम भल्ला की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि यदि आरोपी को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा गया, तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है और समन किए गए गवाहों को प्रभावित कर सकता है, जिससे चल रही जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ईडी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2) के तहत यह अधिकार भी सुरक्षित रखा है कि वह गिरफ्तारी की तारीख से स्वीकार्य 40 दिनों की अवधि के भीतर आवश्यकता पड़ने पर अदालत की अनुमति से आरोपी की दोबारा हिरासत मांग सकती है।
अदालत का निर्णय
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और जांच को लंबित पाते हुए ईडी की अर्जी को स्वीकार कर लिया। अदालत के आदेशानुसार, आरोपी अनिल भल्ला और गौतम भल्ला को जिला जेल भोंडसी में रखा जाएगा और अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जाएगा।
आवेदन और अनुमति
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने अदालत के समक्ष दो आवेदन दायर किए। पहले आवेदन में आरोपी को अपनी दवाएं, चश्मा, अतिरिक्त चश्मा और परिवार द्वारा उपलब्ध कराया गया गद्दा व तकिया ले जाने की अनुमति मांगी गई थी। दूसरे आवेदन में सप्ताह में तीन बार परिजनों से मिलने की अनुमति का अनुरोध किया गया था। अदालत ने इन अर्जियों का निपटारा करते हुए जिला जेल भोंडसी के अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे आरोपी को पर्चे के अनुसार दवाएं ले जाने दें या नियमों के अनुसार तुरंत दवाएं उपलब्ध कराएं। साथ ही, जेल नियमों के अनुसार आरोपी को परिजनों से मिलने और परिवार से लाया गया बिस्तर व गद्दा प्राप्त करने की अनुमति भी दी गई।
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