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दुर्घटना में बेरोजगार हुए एमसीडी चपरासी को 1.06 करोड़ रुपये का मुआवजा

दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने ट्रक दुर्घटना में घायल एमसीडी चपरासी को 1.06 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। दुर्घटना में चपरासी को गंभीर चोटें आईं और वह आजीविका कमाने में असमर्थ हो गया है। न्यायाधिकरण ने माना कि चोटों ने उसे कार्यात्मक रूप से 100 प्रतिशत विकलांग बना दिया है।

26 जून 2026 को 11:23 am बजे
दुर्घटना में बेरोजगार हुए एमसीडी चपरासी को 1.06 करोड़ रुपये का मुआवजा

सौजन्य से:- दिप्रिंट

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक पूर्व चपरासी को 1.06 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया है, जो 2021 ट्रक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था, यह मानते हुए कि चोटों ने उसे आजीविका कमाने में असमर्थ बना दिया है।

पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह बिशन दत्त शर्मा द्वारा दायर दावा याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जो दुर्घटना के समय 57 वर्ष के थे।

9 जून के एक आदेश में, ट्रिब्यूनल ने कहा, “यह साबित हो गया है कि वाहन यानी ट्रक को नूर अली द्वारा तेज और लापरवाही से चलाया जा रहा था और उक्त वाहन को उक्त तरीके से चलाते समय मोटरसाइकिल से टक्कर हो गई, जिसे दावेदार बिशन दत्त शर्मा चला रहे थे और उक्त टक्कर के कारण उन्हें गंभीर चोट लगी थी।”

ट्रिब्यूनल के अनुसार, दुर्घटना 30 जून, 2021 को द्वारका के धूलसिरस चौक पर हुई, जब शर्मा की मोटरसाइकिल को नूर अली द्वारा तेज और लापरवाही से चलाए जा रहे ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी।

ट्रिब्यूनल ने कहा कि शर्मा को दोनों निचले अंगों में गंभीर कुचलने की चोटें आईं और दोनों निचले अंगों के संबंध में 77 प्रतिशत स्थायी शारीरिक विकलांगता का सामना करना पड़ा।

यह देखते हुए कि एमसीडी में चपरासी के रूप में काम करने वाले शर्मा दुर्घटना के बाद ठीक से चलने या बैठने में असमर्थ थे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने तक छुट्टी पर थे, ट्रिब्यूनल ने माना कि उनकी कार्यात्मक विकलांगता प्रभावी रूप से 100 प्रतिशत थी।

ट्रिब्यूनल ने कहा, "दावेदार की उम्र, शिक्षा और शारीरिक स्थिति को देखते हुए, वह अपनी आजीविका के लिए कोई काम नहीं ढूंढ पाएगा। इसलिए, उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, इस मामले में निर्धारित कार्यात्मक विकलांगता 100 प्रतिशत है।"

दावा याचिका दायर करने की तारीख से 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ कुल मुआवजा 1.06 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था।

इसने नोट किया कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा किया गया था और बीमा कंपनी को 30 दिनों के भीतर पुरस्कार राशि जमा करने का निर्देश दिया। पीटीआई एसकेएम एसकेएम एमडीओ एमडीओ

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न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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