सुप्रीम कोर्ट ने कोविड के समय के स्वत: संज्ञान के मामलों को बंद किया, SC ने मुद्दों को बताया व्यर्थ
सुप्रीम कोर्ट ने कोविड महामारी के दौरान शुरू किए गए चार स्वत: संज्ञान मामलों को बंद कर दिया। SC ने कहा कि अब ये मुद्दे व्यर्थ हो गए हैं।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट ने कोविड के समय के स्वत: संज्ञान के मामलों को किया बंद, SC ने मुद्दों को बताया व्यर्थ
सुप्रीम कोर्ट ने कोविड महामारी के दौरान शुरू किए गए चार स्वत: संज्ञान मामलों को बंद कर दिया है। ये मामले जन समस्याओं से संबंधित थे, जिन्हें अब व्यर्थ ...और पढ़ें
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोविड महामारी के दौरान शुरू किए गए चार अलग-अलग स्वत: संज्ञान मामलों को बंद कर दिया। जन समस्याओं से संबंधित ये मामले मरीजों के उपचार और अस्पतालों में शवों के प्रबंधन से जुड़े थे।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि महामारी के समय परिस्थितियां अलग थीं और सर्वोच्च न्यायालय ने कई मुद्दों का संज्ञान लिया था और नागरिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए कई निर्देश जारी किए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब ये मुद्दे व्यर्थ
पीठ चार स्वत: संज्ञान याचिकाओं पर विचार कर रही थी। ये मामले मिड-डे मील के बंद होने, महामारी के दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के कामकाम के लिए दिशा-निर्देश, कोविड-19 मरीजों के उचित इलाज, अस्पतालों में शवों के प्रबंधन और महामारी के दौरान आवश्यक आपूर्ति व सेवाओं के वितरण से जुड़े थे।
इनमें से एक मामले में पेश हुए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने कहा कि उस समय सर्वोच्च न्यायालय के विचारार्थ उठे मुद्दे अब प्रासंगिक नहीं रहे।
पीठ ने कहा कि महामारी के दौरान आवश्यक आपूर्ति और सेवाओं के वितरण से संबंधित विभिन्न मुद्दे उस समय अदालत के समक्ष आए थे। उन मुद्दों का प्रभावी ढंग से निपटारा किया गया था और अदालत ने कई निर्देश जारी किए थे। इन याचिकाओं का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि अब ये मुद्दे व्यर्थ हो गए हैं।
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(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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