नौ साल पुराने कार लूट केस में पंचकूला कोर्ट का फैसला, तीन आरोपित बरी, एक अभी फरार
पंचकूला जिला अदालत ने नौ साल पुराने कार लूट मामले में पंजाब के तीन गैंगस्टरों को बरी कर दिया है। मुख्य आरोपित अभी फरार है।

सौजन्य से:- Jagran
नौ साल पुराने कार लूट केस में पंचकूला Court का फैसला; तीन आरोपित बरी, एक अभी फरार
पंचकूला जिला अदालत ने नौ साल पुराने कार लूट मामले में पंजाब के तीन गैंगस्टरों गुरदीप उर्फ माना, दिलप्रीत उर्फ बाबा और गुरप्रीत उर्फ बंटी को बरी कर दिया है। मुख्य आरोपित अभी फरार है।
HighLights
- 2017 में पिंजौर में हथियारों के बल पर वर्ना कार लूटने का मामला।
- गुरदीप उर्फ माना, दिलप्रीत उर्फ बाबा और गुरप्रीत उर्फ बंटी बरी।
- मुख्य आरोपित परमिंदर सिंह को अदालत कर चुकी है भगोड़ा घोषित।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। करीब नौ साल पुराने चर्चित हथियारों के दम पर कार लूट मामले में पंचकूला जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पंजाब के तीन आरोपितों को बरी कर दिया। आरोपितों में गुरदीप सिंह उर्फ माना, दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा और गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी शामिल हैं।
वहीं इस मामले का मुख्य आरोपित परमिंदर सिंह उर्फ टाइगर अब भी फरार है। उसे वर्ष 2022 में अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उक्त सभी आरोपितों कि खिलाफ अक्टूबर 2017 में पिंजौर थाना में केस दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता गगनदीप उर्फ गग्गी ने पुलिस को बताया कि वह किसान है। 12 अक्टूबर 2017 को दोपहर करीब तीन बजे वह अपने बाड़े से घर लौट रहा था। तभी उसके गांव का रहने वाला जगपाल उर्फ पाली अपनी वरना कार में वहां पहुंचा। दोनों वहां से किसी काम के लिए हिमाचल के बद्दी गए थे।
वहां से लौटते समय शाम करीब चाब बजे जब वे गांव मरनवाला के पास पहुंचे, तभी पीछे से आई एक होंडा सिटी कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। दोनों जैसे ही नीचे उतरे, होंडा सिटी से चार युवक बाहर आए। इनमें से दो के हाथों में पिस्तौल थीं। उन्होंने तीन हवाई फायर किए और वरना कार की चाबी मांगी।
एक आरोपित ने शिकायतकर्ता पर पिस्तौल तान दी, जिसके बाद उसने जान बचाने के लिए आरोपितों को कार की चाबी सौंप दी। आरोपित वरना कार लेकर बद्दी की तरफ फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित परमिंदर सिंह उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया था। उसके कथित खुलासे के आधार पर गुरदीप सिंह उर्फ माना, दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा और हनी के नाम सामने आए थे और लूटी गई वरना कार भी बरामद की गई थी।
बाद में गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की मूल फाइल रिकाॅर्ड रूम में सुरक्षित रखी जाएगी और जब भी भगोड़ा आरोपित परमिंदर सिंह गिरफ्तार होकर अदालत में पेश होगा या आत्मसमर्पण करेगा, तब उसके खिलाफ इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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