वंदे मातरम पर नए कानून को नहीं मानेगी कांग्रेस, दो पद पर कायम; बीजेपी का पलटवार - congress rejects full vande mataram sing same two verses that have been sung for 90 years
वंदे मातरम पर नए कानून को नहीं मानेगी कांग्रेस, दो पद पर कायम; बीजेपी का पलटवार कांग्रेस ने वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन पर मोदी सरकार के नए कानून को मानने से इनकार किया है और 1937 के प्रस्ताव के अनुसार केवल प्रारंभिक दो…

सौजन्य से:- Jagran
वंदे मातरम पर नए कानून को नहीं मानेगी कांग्रेस, दो पद पर कायम; बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस ने वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन पर मोदी सरकार के नए कानून को मानने से इनकार किया है और 1937 के प्रस्ताव के अनुसार केवल प्रारंभिक दो छंदों का ही गायन करेगी।
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संजय मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस ने वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन पर उठे विवाद के बीच साफ किया है कि पार्टी इसे पूरा नहीं गाएगी, बल्कि अब तक होते रहे प्रारंभिक दो छंदों का ही गायन अपने कार्यक्रमों में करेगी।
पार्टी के अनुसार, वंदेमातरम् उसके लिए भावना से जुड़ा है और महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस तथा रवींद्र नाथ टैगौर द्वारा 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति में वंदे मातरम् गायन की तय पंक्तियों का ही पार्टी गायन गाएगी।
यह बदलाव तीन दिनों में आया है क्योंकि 15 अगस्त को पार्टी कार्यक्रम में सभी छंद गाए गए थे और इस आरोप को खारिज किया गया था कि सोनिया गांधी ने गायन बीच में रोकने की कोशिश की थी।
कार्यसमिति के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मानसून सत्र में वंदे मातरम् की सभी पंक्तियों के गायन संबंधी मोदी सरकार के पारित कानून का पार्टी अपने कार्यक्रम में पालन नहीं करेगी। सरकार के विरोध का यह नया तेवर है।
परिसीमन पर भी कांग्रेस का साफ रुख
परिसीमन पर भी कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि पार्टी लोकसभा में सीटें बढ़ाने के खिलाफ है और अगले 25 साल तक लोकसभा सीटों की संख्या 543 रखते हुए इसी में महिलाओं का एक-तिहाई आरक्षण लागू करने के पक्ष में है। वहीं जेन-जी के पेपर लीक तथा श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने के लिए पार्टी ने राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है।
देश के 800 छोटे-बड़े शहरों में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के जरिए युवाओं के परीक्षा और रोजगार के सवालों को व्यापक फलक देने का एलान किया है तो हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण के जरिए मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान के मुद्दे पर भी भाजपा-संघ की घेरेबंदी की घोषणा की है।
कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम् के ताजा विवाद के संदर्भ में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने साफ कहा कि गोवा में मंगलवार को उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् गायन के संदर्भ में 90 साल पहले पारित प्रस्ताव का ही पालन किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेताओं ने इससे सहमति जताई और आनंद शर्मा जैसे कुछ वरिष्ठ नेताओं ने 1937 के प्रस्ताव तथा संविधान सभा की 24 जनवरी 1950 की अंतिम बैठक में राजेंद्र प्रसाद के भाषण का इस संदर्भ में विस्तृत उल्लेख भी किया।
चार घंटे चली कार्यसमिति की बैठक
चार घंटे चली कार्यसमिति की बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् के हुए पूरे गायन के बीच उठे विवाद के सवाल पर पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस पर कुछ भ्रम हुआ मगर हमारा रुख स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति के वंदे मातरम् के गायन प्रस्ताव को महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, गोविंद बल्लभ पंत, आचार्य नरेंद्र देव, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल जैसे दिग्गजों तथा गुरु रवींद्र नाथ टैगोर ने तय कर इसका निर्णय लिया था। यह उन सबका निर्णय है और कांग्रेस के कार्यकर्ता वही मानते हुए पहले दो छंदों का ही गायन करेंगे।
पेपर लीक तथा छात्रों के आंदोलन पर कार्यसमिति में लंबी चर्चा हुई। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि युवा वर्ग मोदी सरकार से हताश व निराश है और हमें पूरे देश में यह दिखाना होगा कि कांग्रेस छात्रों के साथ है। इसीलिए 800 शहरों में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को विस्तार देने का फैसला हुआ। इसमें कई शहरों में राहुल गांधी भी हिस्सा लेने जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार चर्चा के दौरान राहुल ने कहा कि छात्रों का उबाल केवल जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन से ही नहीं उठा है बल्कि पूरे देश में पेपर लीक, अर्थव्यवस्था चौपट होने से कम हुई नौकरियों तथा सभी सार्वजनिक संपत्तियां और कारोबार कुछ चंद उद्योगपतियों को दिए जाने जैसे मसले पर युवा उद्वेलित हैं।
युवा और छात्र कांग्रेस के साथ
स्वतंत्रता दिवस के पीएम मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि यह एक धराशायी हो चुके प्रधानमंत्री का थकाऊ भाषण था और जो भाजपा-आरएसएस के लोग मोदी को सत्ता में लेकर आए थे, वही अब उनका विकल्प ढूंढ़ रहे हैं।
मुमकिन है कि अगले सात-आठ महीनों में मोदी पीएम न रहें। उन्हें पता है कि मोदी के चेहरे के बलबूते 2029 के चुनाव में नैया पार नहीं लगेगी।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के किसी भी नेता के मुकाबले उन्होंने बीते कुछ अर्से के दौरान युवाओं के बीच जाकर उनसे सबसे ज्यादा संवाद किया है और सर्वे भी कराया है। इसी आधार पर उनका साफ मानना है कि युवा कांग्रेस के साथ है और पार्टी नेताओं को खुलकर यह कहना चाहिए कि युवा तथा छात्र कांग्रेस के साथ हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी तथा विदेश नीति के चीन और अमेरिका के दबाव में होने के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी नेताओं को अधिक मुखर होने को कहा।
कार्यसमिति ने बैठक में मौजूद कांग्रेस के चारों मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे छात्रों से मिलकर शिक्षा व परीक्षा व्यवस्था के बारें में उनके विचार जानें और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को इससे अवगत कराएं।
चढ़ावा चोरी में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
चढ़ावा चोरी के खिलाफ प्रस्ताव पारित करते हुए पार्टी ने देशभर में भाजपा-संघ के खिलाफ अभियान चलाने का फैसला किया।
वेणुगोपाल ने कहा कि चंदा चोरी देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा अहम मुद्दा है और श्रीराम मंदिर तथा धर्म को ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल करने वाले भाजपा-संघ के लोग इस चोरी से बेनकाब हो गए हैं।
मगर प्रधानमंत्री चुप हैं और कोई कदम नहीं उठा रहे। इसलिए ब्लाक से लेकर प्रदेश स्तर तक कांग्रेस चंदा चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तथा जागरूकता अभियान चलाएगी।
परिसीमन बिल का विरोध
लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए परिसीमन बिल लाने का विरोध करते हुए कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित किया और कहा कि अगले 25 साल तक सीटें बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं तथा देश के सामने इससे ज्यादा अहम सवाल हैं।
पार्टी ने महिला आरक्षण को मौजूदा सीटों के आधार पर ही 2029 के आम चुनाव से लागू करने की मांग उठाई। वहीं ई-20 युक्त ईंधन से वाहन मालिकों को होने वाले नुकसान पर चिंता जताते हुए उनकी चिंता का तत्काल समाधान निकालने की जरूरत बताई।
वंदे मातरम पर कांग्रेस के रुख पर बरसी भाजपा
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के दो ही पद गाने के कांग्रेस के रुख की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की बैठक में पारित प्रस्ताव बेहद निंदनीय है।
सुधांशु त्रिवेदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "कांग्रेस पार्टी ने आज अपनी बैठक में वंदे मातरम् को लेकर जो प्रस्ताव पास किया है, वह बेहद निंदनीय है। इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए पार्टी देश से ऊपर है।
इसलिए, संविधान से मिली शक्तियों और संसद द्वारा पास कानूनों से ज्यादा अहमियत उनकी कार्य समिति के प्रस्ताव को दी जाती है... कांग्रेस ने यह भी साबित कर दिया है कि वह खुद को संविधान व देश से ऊपर मानती है और अपने पार्टी प्रस्ताव को संवैधानिक कानून से ऊपर समझती है।
इसके साथ ही, कांग्रेस ने अब उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया है कि वह आज की 'नई मुस्लिम लीग' बन गई है।'
यह भी पढ़ें- चढ़ावा चोरी से सीमा विवाद तक... CWC की बैठक में खरगे ने पीएम की चुप्पी पर उठाए सवाल
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