भोपाल के व्यापारियों को राहत की आशा, मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में दृढ़ रुख अपनाया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में व्यापारियों और निवासियों के पक्ष को पूरी गंभीरता से रखेगी। वे पुराने विवाद के स्थायी और बेहतर समाधान के लिए सभी संभव प्रयास करेंगे, तथा कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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भोपाल के व्यापारियों को राहत की उम्मीद:CM बोले-सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से रखेंगे पक्ष, बेहतर समाधान निकालेंगे
Fri, 04 Sep 2026 12:41 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:41 PM IST
सार
भोपाल में सीलिंग और व्यापारियों की परेशानियों से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में व्यापारियों और रहवासियों का पक्ष पूरी गंभीरता से रख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी और बेहतर समाधान निकालने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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विस्तार
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भोपाल में व्यापारियों और रहवासियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में सरकार अपनी बात मजबूती से रखेगी और कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे का रास्ता निकाला जाएगा। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़े सभी मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पुराने विवाद का ऐसा समाधान निकले, जिससे सभी पक्षों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के मार्गदर्शन के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
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जानापाव को बड़े तीर्थस्थल के रूप में विकसित करेंगे
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे जानापाव जा रहे हैं। मान्यता है कि यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उज्जैन में श्री महाकाल लोक बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक आते थे, जबकि अब यह संख्या करोड़ों तक पहुंच गई है। सरकार अब इसी तर्ज पर प्रदेश के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकसित कर रही है। इसका मकसद केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करना भी है।
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