सुप्रीम कोर्ट की टीम ने लखनऊ में 51 अवैध व्यावसायिक निर्माणों का सर्वे किया
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बताया कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग के विरुद्ध 51 व्यावसायिक इमारतें बनायी गई थीं। एमिकस क्यूरी की छह सदस्यीय टीम ने अलीगंज, गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी सहित कई स्थानों का निरीक्षण कर कार्रवाई की पुष्टि की और रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को प्रस्तुत की जाएगी।

सौजन्य से:- ABP News
लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन! सुप्रीम कोर्ट की टीम ने किया सर्वे
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग में मानकों के विपरीत बने 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए हैं. इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
लखनऊ में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पहुंच गई है. शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) की छह सदस्यीय टीम ने लखनऊ में अवैध निर्माणों का सर्वे किया. टीम के साथ IIT दिल्ली के प्रोफेसर भी मौजूद रहे.
टीम ने सबसे पहले अलीगंज क्षेत्र का दौरा किया. यहां 22 जून को आवासीय भूखंड पर बने अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड के बाद की गई कार्रवाई का सत्यापन किया गया. टीम ने क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग के विपरीत बनाए गए व्यावसायिक भवनों पर हुई ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई का भी जायजा लिया.
51 अवैध व्यावसायिक निर्माण चिन्हित
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग में मानकों के विपरीत बने 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए हैं. इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज की घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए एमिकस क्यूरी के जरिए लखनऊ के अन्य इलाकों में भी अवैध निर्माणों का सर्वे कराने के निर्देश दिए थे.
गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी भी पहुंची टीम
अलीगंज के बाद टीम ने गोमती नगर विस्तार के सरसवां इलाके में पुलिस मुख्यालय के पीछे ध्वस्त किए गए अवैध निर्माणों का निरीक्षण किया. इसके बाद टीम वेलनेस सिटी पहुंची, जहां अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ LDA की ओर से की गई कार्रवाई का मौके पर सत्यापन किया गया. इस दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी और ज्ञानेंद्र वर्मा समेत संबंधित जोनल अधिकारी मौजूद रहे.
सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी सर्वे रिपोर्ट
एमिकस क्यूरी की टीम लखनऊ में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ हुई कार्रवाई का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी.
यह पूरा मामला 'लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार' मामले की सुनवाई से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ समेत देश के अन्य महानगरों में अवैध निर्माण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा था.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट: बरी करने का आदेश तभी उलटा जा सकता है जब ट्रायल कोर्ट का दृष्टिकोण विकृत हो

सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ प्राइमस में ब्रोशर‑उल्लेखित योजना के उल्लंघन पर सीबीआई को प्रारम्भिक जांच का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हिंसा करने वाले राजनेताओं को तुरन्त हिरासत में रखने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में अवैध इमारतों की धीमी सीलिंग पर कड़ी नाराज़गी जताई

सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ प्राइमस में ब्रोशर के अनुसार निर्माण का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफ़ारिश पर केंद्र ने 8 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त किये

सुप्रीम कोर्ट को HPC की अनुपालन रिपोर्ट: अरावली की सीमा 100 मीटर ऊंचाई से नहीं, इकोसिस्टम‑आधारित निर्धारण होगा

बारिश की बूँदों में भी शास्त्रीनगर की महिलाओं ने धरना नहीं छोड़ा, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय
ताज़ा ख़बरें
- 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: ट्रैफिक जुर्माना, बिजली‑पानी के बिल सहित कई मुद्दों का त्वरित निपटारा
- बारिश में भी शास्त्रीनगर की महिलाएँ धरना देती रहीं, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय
- भारत‑रूस ने न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई
- अरावली संरक्षण में नई मांग: सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने रिपोर्ट का समय 28 फ़रवरी 2027 तक बढ़ाने की याचिका दायर की
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट न जमा करने पर कड़ा इशारा किया
- सुप्रीम कोर्ट ने एनएसई के ‘अनुचित पहुंच’ विवाद में नियामक की याचिका खारिज की
- सुप्रीम कोर्ट ने थाने में जब्त गाड़ियों को जर्जर होने से पहले मालिकों को लौटाने का निर्देश दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

