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सुप्रीम कोर्ट की टीम ने लखनऊ में 51 अवैध व्यावसायिक निर्माणों का सर्वे किया

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बताया कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग के विरुद्ध 51 व्यावसायिक इमारतें बनायी गई थीं। एमिकस क्यूरी की छह सदस्यीय टीम ने अलीगंज, गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी सहित कई स्थानों का निरीक्षण कर कार्रवाई की पुष्टि की और रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को प्रस्तुत की जाएगी।

6 सितंबर 2026 को 12:32 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट की टीम ने लखनऊ में 51 अवैध व्यावसायिक निर्माणों का सर्वे किया

सौजन्य से:- ABP News

लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन! सुप्रीम कोर्ट की टीम ने किया सर्वे

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग में मानकों के विपरीत बने 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए हैं. इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

लखनऊ में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पहुंच गई है. शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) की छह सदस्यीय टीम ने लखनऊ में अवैध निर्माणों का सर्वे किया. टीम के साथ IIT दिल्ली के प्रोफेसर भी मौजूद रहे.

टीम ने सबसे पहले अलीगंज क्षेत्र का दौरा किया. यहां 22 जून को आवासीय भूखंड पर बने अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड के बाद की गई कार्रवाई का सत्यापन किया गया. टीम ने क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग के विपरीत बनाए गए व्यावसायिक भवनों पर हुई ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई का भी जायजा लिया.

51 अवैध व्यावसायिक निर्माण चिन्हित

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग में मानकों के विपरीत बने 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए हैं. इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज की घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए एमिकस क्यूरी के जरिए लखनऊ के अन्य इलाकों में भी अवैध निर्माणों का सर्वे कराने के निर्देश दिए थे.

गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी भी पहुंची टीम

अलीगंज के बाद टीम ने गोमती नगर विस्तार के सरसवां इलाके में पुलिस मुख्यालय के पीछे ध्वस्त किए गए अवैध निर्माणों का निरीक्षण किया. इसके बाद टीम वेलनेस सिटी पहुंची, जहां अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ LDA की ओर से की गई कार्रवाई का मौके पर सत्यापन किया गया. इस दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी और ज्ञानेंद्र वर्मा समेत संबंधित जोनल अधिकारी मौजूद रहे.

सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी सर्वे रिपोर्ट

एमिकस क्यूरी की टीम लखनऊ में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ हुई कार्रवाई का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी.

यह पूरा मामला 'लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार' मामले की सुनवाई से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ समेत देश के अन्य महानगरों में अवैध निर्माण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा था.

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