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नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों के बाद छात्रों पर दर्ज एफआईआर वाले मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों के बाद छात्रों पर दर्ज एफआईआर से जुड़े मामले में सुनवाई की। केंद्र सरकार ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक मामले नहीं हैं, उन्हें रिहा कर दिया गया है, और सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है।

3 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों के बाद छात्रों पर दर्ज एफआईआर वाले मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सौजन्य से:- AajTak

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नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर और गिरफ्तार लोगों की रिहाई से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा. उनका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं उन्हें रिहा कर दिया गया है.

याचिकाकर्ताओं में से एक ने बताया कि वे CJP और दूसरे प्रदर्शनकारियों की तरफ से सरकार के संपर्क में हैं. वहीं, याचिकाकर्ताओं की वकील वृंदा ने पुलिस से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की मांग की.

यह भी पढ़ें: एक और Gen-Z प्रोटेस्ट! झारखंड में 'जंतर-मंतर' जैसा आंदोलन, क्या CJP वैसे ही साथ देगी?

इस पर तुषार मेहता ने कहा कि एफआईआर को लेकर कुछ गलतफहमी थी. सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है. उन्होंने बताया कि सरकार समाधान निकालने पर काम कर रही है. उन्होंने इस बात को दोहराया कि सरकार इस मामले को लेकर बहुत गंभीर है और अपने वादे पर कायम है.

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याचिकाकर्ताओं की वकील ने कहा कि जिनकी पहचान हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उनका कहना है कि कई वीडियो हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों का बर्ताव दिख रहा है. उन पुलिसकर्मियों की पहचान हुई है.

उनकी मांग है कि पुलिस के IG और RAF डायरेक्टर को निर्देश दिया जाना चाहिए कि उन्होंने पेलेट गन आदि की अनुमति कैसे दी. याचिकाकर्ताओं के वकील की ओर से सवाल किया गया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जो FIR हुई हैं, वह रद्द की जाएंगी या वापस ली जाएंगी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका जवाब देते हुए बताया कि सरकार अपने वादे पर कायम है. उनका कहना है कि कानूनी तौर पर जो भी तरीका सही होगा, वही अपनाया जाएगा.

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