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सीजेपी का जजों पर हमला, CJP ने की जज दीपांकर दत्ता की निंदा

सीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के जज दीपांकर दत्ता पर हमला बोला है, जिन्होंने महुआ मोइत्रा के मामले में कठोर टिप्पणी की थी। सीजेपी के नेताओं ने जजों पर ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी का आरोप लगाया है।

8 अगस्त 2026 को 06:15 am बजे
सीजेपी का जजों पर हमला, CJP ने की जज दीपांकर दत्ता की निंदा

सौजन्य से:- नवभारत टाइम्स

CJP उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के बारे में: कॉकरोच जनता पार्टी ने महुआ मोइत्रा को अंडे फेंके जाने के मुद्दे पर वर्चुअल पेशी का विकल्प देने से मना करके और कठाेर टिप्पणी करने पर आड़े हाथों लिया है। सीजेपी ने पूछा है कि अगर महुआ मोइत्रा को कुछ हुआ तो क्या सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार होगा। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके और चीफ स्पोक्सपर्सन सौरभ दास ने डबल अटैक किया है।

हाइलाइट्स

चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बाद अब दीपांकर दत्ता पर भड़की सीजेपी

सीजेपी नेताओं ने महुआ मोइत्रा के मामले टिप्पणी की आलोचना की

सौरभ दास ने सीधे जस्टिस दीपांकर दत्ता को निशाने पर लिया

कोलकाता/पुणे: तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में खुद पर हुए अंडों से हमलों से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की वर्चुअल पेशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था, "आप एक सांसद हैं? राजनीति में आने के बाद क्या आप अंडों से डरती हैं? हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने तो सीने पर गोलियां खाई थीं। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता की अगुवाई वाली बेंच की इस टिप्प्णणी पर कॉकारोच जनता पार्टी भड़क गई है। सीजेपी ने संस्थापक अभिजीत दिपके और सौरभ दास ने इसे ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी से जोड़ा दिया है।

दिपके और दास का डबल अटैक

महुआ मोइत्रा के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दिपके ने लिखा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट अब चाहता है कि हर कोई गोलियां खाए? जब सुप्रीम कोर्ट के जज अपोज़िशन लीडर्स के ख़िलाफ़ इस तरह के बयान देते हैं, तो आम आदमी के लिए क्या उम्मीद बचती है? सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास ने एक्स पर लिखा है कि तो क्या सुप्रीम कोर्ट के यह जज चाहते हैं कि गोलियां खाएं? हमने किस तरह के बड़बोले लोगों को जज बनाया है? क्या हम कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट के जजों से इसी तरह के ज्यूडिशियल स्वभाव की उम्मीद करते हैं? इसीलिए हमें ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी तय करने की जरूरत है।

सौरभ दास ने लिखा है कि यह बयान निंदनीय है। खासकर तब जब आप बंगाल की खराब हालत के बारे में जानते हैं। अगर कल मिस मोइत्रा को कुछ हुआ, तो जस्टिस दीपांकर दत्ता की लीडरशिप वाली यह बेंच जिम्मेदार होगी। उन्हें अपने बर्ताव पर शर्म आनी चाहिए। किसी भी फंक्शनल डेमोक्रेसी में ऐसे जजों को इस्तीफा देने या इंपीच होने के लिए मजबूर होना पड़ता।

महुआ मोइत्रा ने वापस ली याचिका

गौरतलब हो कि महुआ मोइत्रा के वकील ने पुलिस थाने में पेशी के दौरान विरोध प्रदर्शन और पिछली बार अंडे फेंके जाने की घटना का हवाला देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होने की अनुमति मांगी थी। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि नेताओं को विरोध या अंडे फेंके जाने के डर से जांच से नहीं भागना चाहिए। कोर्ट की कड़े रुख के बाद महुआ मोइत्रा के वकील ने याचिका वापस ले ली और कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि दीपांकर दत्ता खुद पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वह पहले कलकत्ता हाईकोर्ट में कार्यरत रहे हैं।

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:

गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:

प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डी. डी. ए.) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:

2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सी. एस. जे. एम. विश्वविद्यालय), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।... और पढ़ें

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न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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