गोसाईगंज थाने के सीसीटीवी का 10 दिन तक बंद होना, अदालत ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया
न्यायालय ने थाने में कैमरों के दीर्घकालिक अकार्यक्षमता को गंभीर माना और पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई की रिपोर्ट एक माह के भीतर पेश करने को कहा। थानाध्यक्ष और डीएलओसी के खिलाफ आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया तथा लूट के आरोपी चंचल यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई।

सौजन्य से:- Jagran
गोसाईगंज थाने के CCTV 10 दिन तक बंद, अदालत सख्त; पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी
गोसाईगंज थाने में सीसीटीवी कैमरों के लंबे समय तक खराब रहने पर अदालत ने गंभीर रुख अपनाया है और पुलिस ...और पढ़ें
HighLights
- गोसाईगंज थाने के सीसीटीवी कैमरे लंबे समय तक अक्रियाशील रहे
- अदालत ने पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई कर रिपोर्ट तलब की
- लूट के आरोपी चंचल यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई
विधि संवाददाता, लखनऊ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) सुमित चौधरी की अदालत ने थाना गोसाईगंज में सीसीटीवी कैमरों के लंबी अवधि तक अक्रियाशील रहने को गंभीर मानते हुए आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर, लखनऊ को भेजी है तथा थानाध्यक्ष व डीएलओसी की लापरवाही के संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई कर एक माह के भीतर न्यायालय को अवगत कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने लूट के आरोपी चंचल यादव उर्फ लाला की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
अभियोजन पत्रावली के अनुसार इस मामले के वादी राहुल कुमार ने 6 जुलाई को अपने साथ हुई 4,34,330 रुपए के लूट की रिपोर्ट लिखाई थी। जिसमें विवेचना के बाद पुलिस ने लूट के आरोपी चंचल यादव उर्फ लाला को लूट के 8,500 रुपए के साथ गिरफ्तार किया था।
थाने से 13 अगस्त से 14 अगस्त का सीसीटीवी फुटेज तलब किया
न्यायालय के समक्ष जमानत पत्र दाखिल करते समय बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस द्वारा उसे किसानपथ से गिरफ्तार बताया गया था। जिसके बाद बचाव पक्ष की मांग पर न्यायालय ने थाने से 13 अगस्त से 14 अगस्त का सीसीटीवी फुटेज तलब किया गया।
थानाध्यक्ष ने उपस्थित होकर बताया कि 13 अगस्त से कैमरे खराब हैं
न्यायालय द्वारा फुटेज मांगे जाने के अगले ही दिन थानाध्यक्ष ने उपस्थित होकर बताया कि 13 अगस्त से कैमरे खराब हैं। एसीपी गोसाईगंज की आख्या में 17 व 22 अगस्त को नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस को पत्र प्रेषित करना दर्शाया गया, जबकि नोडल अधिकारी ने रिपोर्ट 24 अगस्त को प्राप्त होना बताया। अदालत ने पाया कि 13 से 22 अगस्त तक कैमरे बिना बैकअप के ठप रहे।
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परमवीर सैनी बनाम बलजीत सिंह के निर्णय का हवाला दिया
न्यायालय ने अपने आदेश में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा परमवीर सैनी बनाम बलजीत सिंह के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि कैमरों के संचालन, रखरखाव और खराबी की तत्काल सूचना डीएलओसी को देने का दायित्व थानाध्यक्ष का है। राजधानी के थाने में ऐसी स्थिति को न्यायालय ने माननीय उच्च न्यायालय निर्देशों के विपरीत और गंभीर मानते हुए पुलिस कमिश्नर को कार्यवाही के निर्देश के साथ, अपने आदेश की प्रति प्रेषित करने का आदेश दिया।
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