बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, अभिषेक बनर्जी के पीए से हिरासत में पूछताछ जरूरी - bengal govt to sc abhishek banerjee pa needs custodial interrogation
बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, अभिषेक बनर्जी के पीए से हिरासत में पूछताछ जरूरी बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय सालबोनी जमीन हड़पने मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इ…

सौजन्य से:- Jagran
बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, अभिषेक बनर्जी के पीए से हिरासत में पूछताछ जरूरी
बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय सालबोनी जमीन हड़पने मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
HighLights
- बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हिरासत में पूछताछ की मांग की।
- अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय पर असहयोग का आरोप।
- सुप्रीम कोर्ट ने रॉय की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ाई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बंगाल सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय, सालबोनी में सरकारी जमीन हड़पने के मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि पुलिस को उनसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। शीर्ष अदालत ने छह अगस्त को रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने तीन अगस्त को सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बुधवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ से राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आग्रह किया कि रॉय को गिरफ्तारी से संरक्षण वापस लिया जाए, क्योंकि वह कथित तौर पर पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों से बच रहे हैं।
रॉय के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि वह कोर्ट के निर्देशानुसार पुलिस के सामने पेश हो रहे हैं और संविधान के तहत उन्हें चुप रहने का अधिकार है।
जस्टिस बागची ने कहा, "संविधान (जांच एजेंसी के) गिरफ्तारी के अधिकार को भी सुरक्षित करता है।" मेहता ने पुलिस द्वारा अब तक एकत्रित सामग्री सीलबंद लिफाफे में पीठ को सौंपी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस की सामग्री देखने के बाद ही मामले की सुनवाई होगी और राय की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ा दी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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