होम›अपराध›एसिड अटैक पर कानूनी प्रावधान: सजा और पीड़िता के अधिकार
अपराध
एसिड अटैक पर कानूनी प्रावधान: सजा और पीड़िता के अधिकार
भारत में एसिड अटैक के मामलों में कड़े कानूनी प्रावधान, दोषी को कम से कम 10 वर्ष की जेल और पीड़िता को त्वरित वित्तीय सहायता
Nyaya Desk6 जून 2026 को 10:31 am बजे

एसिड अटैक एक जघन्य अपराध है, जिसके लिए भारतीय कानून में कड़े प्रावधान किए गए हैं। एसिड अटैक के मामलों में मुख्य रूप से दो स्थितियां होती हैं: वास्तविक हमला करना और हमला करने का प्रयास। सुप्रीम कोर्ट ने *लक्ष्मी बनाम भारत संघ* मामले में राज्यों को सख्त नियम पालन करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्र: विभिन्न कानूनी स्रोतों के अनुसार, एसिड अटैक के मामलों में दोषी को कम से कम 10 वर्ष की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पीड़िता को त्वरित वित्तीय सहायता और मुफ्त चिकित्सा प्रदान करना अनिवार्य है। एसिड अटैक के मामलों को 'गैर-जमानती' और 'शमनीय नहीं' श्रेणी में रखा गया है。
#एसिड अटैक#कानूनी प्रावधान#पीड़िता के अधिकार
संबंधित ख़बरें

कानून
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि समय बदल गया है, विवाह पूर्व यौन संबंध नैतिक अधमता नहीं है

कानून
जिंदल पॉली फिल्म्स विवाद, भारत का प्रथम श्रेणी एक्शन सूट, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए भेजा

कानून
बिना शादी सहमति से संबंध खराब चरित्र का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट बोला- रिश्ता टूटने को धोखा नहीं मान सकते, कांस्टेबल की नियुक्ति को मंजूरी दी

कानून

