उन्नाव की राष्ट्रीय लोक अदालत ने 99,078 वादों का शीघ्र निपटारा
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार उन्नाव के जनपद न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में लगभग 99,078 मामलों को आपसी समझौते के जरिए निस्तारित किया गया। मोटर दुर्घटना दावों के लिए 12.94 करोड़ रुपये का मुआवजा, बैंक रिकवरी, फाइनेंस कंपनियों और वैवाहिक मामलों में भी प्रतिपूर्ति तय हुई, जबकि 52 दंपतियों ने मतभेद समाप्त कर साथ रहने का संकल्प लिया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
उन्नाव की राष्ट्रीय लोक अदालत में 99,078 वादों का निस्तारण
12.94 करोड़ रुपये का मुआवजा अवार्ड, कार्यक्रम में कई न्यायिक अधिकारियों ने भी भाग लिया.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 13, 2026 at 8:57 AM IST
उन्नाव: उन्नाव में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय उन्नाव में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्नाव कविता मिश्रा की अध्यक्षता में लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायालय के केंद्रीय हॉल में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, विधि छात्रों और पराविधिक स्वयंसेवकों ने सहभागिता की.
लोक अदालत के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया. कुल लगभग 99,078 वादों का सफल निस्तारण किया गया. मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित 128 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षों के लिए कुल 12 करोड़ 94 लाख 38 हजार 400 रुपये प्रतिकर अवार्ड किया गया.
बैंक रिकवरी से संबंधित 1,093 मामलों का निस्तारण किया गया. इनमें कुल 1 करोड़ 79 लाख 14 हजार 900 रुपये की धनराशि की अदायगी तय की गई. वहीं फाइनेंस कंपनियों से संबंधित 481 मामलों में 3 लाख 21 हजार 658 रुपये की धनराशि की अदायगी पर सहमति बनी.
परिवार न्यायालय में वैवाहिक मामलों का भी आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया. परिवार न्यायालय द्वारा 83 वैवाहिक वादों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव स्तर से 5 वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया. लोक अदालत के दौरान सबसे उल्लेखनीय पहल यह रही कि 52 दंपतियों ने आपसी मतभेद समाप्त कर साथ रहने पर सहमति जताई. दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर भविष्य में बिना विवाद साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया और अपनी कानूनी लड़ाई समाप्त की.
इसके अलावा विद्युत विभाग से संबंधित 35,551 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण किया गया. बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से आम लोगों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली.
लोक अदालत के शुभारंभ के अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश कविता मिश्रा ने अधिक से अधिक मामलों को आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है.
कार्यक्रम में अपर जिला जज अंकिता शुक्ला, अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत राम राज-II, प्रेम प्रकाश, शिप्रा आर्या, शैलेन्द्र सिंह यादव, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम निवेदिता अस्थाना, रवि प्रकाश साहू, महेंद्र सिंह कुमार सिंह, प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आकांक्षा बाजपेई, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भाव्या तिवारी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे.
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रतींद्र प्रताप सिंह और महामंत्री आनंद कुमार सिंह सहित अधिवक्ता, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के विधि छात्र-छात्राएं एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी और पराविधिक स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे.
वहीं मीडिया से बातचीत में अपर जिला जज अंकिता शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करीब 99 हजार मामलों का निस्तारण किया गया है। जिले में न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित और सुलह आधारित बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.
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