जोधपुर हाईकोर्ट निर्माण दोष मामले में 8 पर अंतरिम जमानत, 1 लाख बॉन्ड पर रिहा
जोधपुर हाईकोर्ट ने निर्माण से जुड़ी खामियों के मामले में 8 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अंतरिम जमानत दी है। हर आरोपी को 1 लाख रुपए का निजी बॉन्ड और दो 50 हजार रुपए के जमानती बॉन्ड जमा करने पर रिहा किया जाएगा। यह राहत राज्य सरकार के जवाब और सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी के नतीजों पर निर्भर करती है, अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को तय है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली राहत, 1 लाख के बॉन्ड पर रिहा होंगे
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जोधपुर हाईकोर्ट भवन में निर्माण से जुड़ी खामियों के मामले में आठ आरोपियों को अंतरिम जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने जमानत अर्जियों पर सुनवाई की।
यह मामला हाईकोर्ट प्रशासन की तरफ से 12 नवंबर 2024 को कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 0411/2024 से जुड़ा है। एफआईआर में आईपीसी की धारा 420 और 488 के तहत केस दर्ज हुआ था। बाद में इसमें धारा 409, 336, 120बी और 166ए भी जोड़ी गईं। यह केस हाईकोर्ट भवन के निर्माण में सामने आई संरचनात्मक विफलताओं से संबंधित है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया था
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के 15 सितंबर 2026 के एक आदेश का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि इसी मामले में वरिंदर कुमार गर्ग को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी। इसी आधार पर इन आरोपियों को भी ऐसी ही राहत देने की मांग की गई।
राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और अन्य वकीलों ने अपना पक्ष रखा। राज्य ने बताया कि एक आवेदक के मामले में जवाब दाखिल कर दिया गया है। बाकी मामलों में जवाब और केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा गया। कोर्ट ने राज्य को जवाब दाखिल करने का समय दिया।
आठ आरोपियों को अंतरिम राहत
खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए आठ आरोपियों को अंतरिम राहत दी। इनमें राजेश चंद्र पुरोहित, शिव हरे महौर, अजित कुमार सांघी, रामेश्वर दयाल खंडेलवाल, गोपाल लाल खंडेलवाल, अजय किशन मूथा, नवीन चंद्र के. राय और दीपक कुमार मित्तल शामिल हैं।
50-50 हजार बॉन्ड जमा कराने होंगे
कोर्ट ने हर आरोपी को एक लाख रुपए का निजी बॉन्ड और 50-50 हजार रुपए के दो जमानती बॉन्ड जमा करने पर रिहा करने का निर्देश दिया। यह राहत राज्य सरकार के जवाब और सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी के नतीजे पर निर्भर करेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।
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