मक्के के खेत के विवाद से शुरू हुआ तिहरा हत्याकांड, रांची कोर्ट ने 11 को उम्रकैद की सजा दी
31 अगस्त 2023 को सूअर के कारण मक्के के खेत में हुए विवाद के बाद झामेश्वर बेदिया तथा उनकी दो पत्नियों की हत्या कर दी गई। रांची के सिविल कोर्ट ने इस तीन साल पुराने मामले में 11 आरोपियों को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

सौजन्य से:- etvbharat.com
मक्के के खेत से शुरू हुआ विवाद बना तिहरे हत्याकांड की वजह, अदालत ने सुनाई 11 को उम्रकैद
रांची के सिविल कोर्ट ने तीन साल पहले हुई तिहरे हत्याकांड मामले में 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. प्रशांत कुमार की रिपोर्ट.
Published : September 18, 2026 at 8:28 AM IST
रांची: ओरमांझी थाना क्षेत्र के गुंजा देवनजारा गांव में करीब तीन साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में अदालत ने 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद सभी दोषियों को आजीवन कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
31 अगस्त 2023 का है मामला
तिहरे हत्याकांड का यह मामला 31 अगस्त 2023 का है. घटना के बाद मामले की जांच पुलिस ने शुरू की. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता साबित करने का प्रयास किया. अदालत ने साक्ष्यों की समीक्षा के बाद सभी 11 आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था.
मंगलवार को दोषसिद्धि के बाद गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सजा पाने वालों में सहजनाथ बेदिया, राजो देवी, संजीत बेदिया, रंजीत बेदिया, हेमंत बेदिया, महेंद्र बेदिया, पंचित बेदिया, कामेश्वर बेदिया, बेदिया, अनुज बेदिया और सुकरा मुंडा शामिल हैं. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
तीन साल पुराने मामले में आया फैसला
31 अगस्त 2023 को हुई इस वारदात के बाद से मामला अदालत में विचाराधीन था. लंबे समय तक चली सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी माना था.
क्या थी पूरी घटना
अभियोजन के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे हथियारों से लैस आरोपियों ने झामेश्वर बेदिया के घर पर हमला कर दिया था. हमले में झामेश्वर बेदिया और उनकी दोनों पत्नी सरिता देवी व संजू देवी की मौत हो गई थी. घटना के दौरान उन्हें लोहे की कुदाल, चापड़ और तलवार जैसे हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया गया था. बताया गया कि घटना की शुरुआत खेत में सूअर घुसने को लेकर हुए विवाद से हुई थी. सूअर के मक्के की खेत में घुसने और फसल को नुकसान पहुंचाने को लेकर झामेश्वर बेदिया और सहजनाथ के परिवार के बीच विवाद चल रहा था. इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया और तीन लोगों की जान चली गई.
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