अलीगंज में 51 अवैध व्यावसायिक इमारतों पर LDA ने नोटिस जारी, सीलिंग का आदेश
अलीगंज के आवासीय भूखंड पर बने 51 अवैध व्यावसायिक भवनों पर एलडीए ने नोटिस भेजे और 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की टीम जाँच करेगी। कोर्ट के निर्देश पर जिन मामलों में किसी रोक का आदेश नहीं है, वहाँ भवनों को सील या गिराने की तैयारी चल रही है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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लखनऊ के अलीगंज में 51 इमारतें होंगी सील:LDA ने भेजे नोटिस, 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की टीम करेगी जांच
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अलीगंज में आवासीय जमीन पर बने 51 व्यावसायिक भवनों पर अब कार्रवाई होगी। एलडीए ने भवन मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। जिन मामलों में कोर्ट की रोक नहीं है, वहां भवन सील करने या जरूरत पड़ने पर गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की टीम अलीगंज में अवैध निर्माणों की जांच करेगी। टीम के आने से पहले एलडीए ने सभी 51 भवनों की फाइलें निकलवाकर उनकी मौजूदा स्थिति की जांच शुरू कर दी है।
आग की घटना के बाद कोर्ट ने लिया था संज्ञान
22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी में आवासीय भूखंड पर बने एक अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में आग लग गई थी। इस घटना के बाद अवैध निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान एलडीए ने कोर्ट को बताया कि अलीगंज में 51 व्यावसायिक इमारतें ऐसी हैं, जो आवासीय जमीन के इस्तेमाल के नियमों के खिलाफ बनी हैं।
कोर्ट ने एलडीए से कार्रवाई का ब्योरा मांगा
लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ समेत दूसरे बड़े शहरों में अवैध निर्माण के मामलों पर अधिकारियों से जवाब मांगा था। 7 अगस्त 2026 को कोर्ट ने अलीगंज की इन 51 इमारतों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने अपनी टीम से अलीगंज में अवैध निर्माणों का सर्वे कराने की भी बात कही थी।
बिना रोक वाले मामलों में सीलिंग या ध्वस्तीकरण
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। संबंधित मामलों की न्यायालयी फाइलें निकलवाई गई हैं और भवनों में इस समय कौन रह रहा है या किस तरह इस्तेमाल हो रहा है, इसकी शुरुआती रिपोर्ट तैयार की गई है। कार्रवाई के लिए जरूरी मशीनरी और कर्मचारियों का भी आकलन किया गया है।
एलडीए के मुताबिक, जिन मामलों में किसी सक्षम कोर्ट से रोक नहीं है, उनमें नियमों के तहत सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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