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सुप्रीम कोर्ट ने 50 वार्डों में न्यायिक निगरानी के तहत दोबारा चुनावों का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला के 28 और बाघापुराना‑धर्मकोट के 22 वार्डों में नए चुनाव करने और एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर प्रक्रिया की देखरेख करने का निर्देश दिया। कमेटी के गठन के बाद ही चुनाव का शेड्यूल जारी होगा और वरिष्ठ वकीलों को ऑब्ज़र्वर के रूप में नामित किया जाएगा। सभी चरणों की रिपोर्ट हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को सौंपने के बाद ही छह हफ़्तों के भीतर परिणाम घोषित किए जाएंगे।

8 अक्टूबर 2026 को 05:05 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने 50 वार्डों में न्यायिक निगरानी के तहत दोबारा चुनावों का आदेश

सौजन्य से:- ETV Bharat

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 वार्डों में नए सिरे से न्यायिक निगरानी में चुनाव कराने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोबारा चुनाव का शेड्यूल मॉनिटरिंग कमिटी के ठीक से बनने के बाद ही नोटिफाई किया जाएगा.

By Sumit Saxena

Published : October 8, 2026 at 9:27 AM IST

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पटियाला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 28 वार्ड और बाघापुराना और धर्मकोट म्युनिसिपल काउंसिल के 22 वार्ड में नए चुनाव कराने का आदेश दिया. साथ ही दोबारा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव सुनिश्चित कराने को लेकर एक मजबूत न्यायिक निगरानी व्यवस्था भी बनाने कहा.

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने हाल ही में 28 सितंबर को पारित आदेश अपलोड किया. पीठ ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए कि पुन: चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किए जाएं.

बेंच ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से रिक्वेस्ट की कि वे एक हफ़्ते के अंदर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज वाली एक मॉनिटरिंग कमेटी अपॉइंट करें, जो इलेक्शन नोटिफिकेशन जारी होने से लेकर रिजल्ट घोषित होने तक, नए सिरे से बाई-इलेक्शन कराने के पूरे प्रोसेस की देखरेख करेगी.

बेंच ने आगे कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी के ठीक से बनने के बाद ही दोबारा इलेक्शन का शेड्यूल नोटिफाई किया जाएगा. बेंच ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से यह भी रिक्वेस्ट की कि वे दोबारा इलेक्शन प्रोसेस में 'ऑब्जर्वर' के तौर पर काम करने के लिए हाई कोर्ट बार के कम से कम दो या तीन सीनियर मेंबर को नॉमिनेट करें.

इसमें कहा गया, 'नॉमिनेशन फॉर्म फाइल करने, उनकी जांच/सबमिट करने, सिंबल बांटने, पोलिंग वगैरह की वीडियोग्राफी इन ऑब्जर्वर की मौजूदगी में की जाएगी. रिकॉर्डिंग को ठीक से संभालकर रखा जाएगा और मॉनिटरिंग कमेटी को सौंप दिया जाएगा.'

बेंच ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि नॉमिनेशन फाइलिंग शुरू होने से पहले मॉनिटरिंग कमेटी को चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की वार्ड के हिसाब से लिस्ट दी जाए. इसके अलावा डीएसपी और उससे ऊपर के रैंक के ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों की लिस्ट भी दी जाए.

बेंच ने कहा, 'किसी भी व्यक्ति, जिसमें कोई भी अधिकारी शामिल है, द्वारा दोबारा चुनाव प्रक्रिया में दखल देने या रुकावट डालने की कोई भी शिकायत मॉनिटरिंग कमेटी को की जा सकती है, जो तुरंत इसकी जांच करेगी और अगर शिकायत में दम मिलता है, तो हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को एक रिपोर्ट देगी, जिनसे न्यायिक पक्ष से उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाता है.'

बेंच ने कहा कि पूरी दोबारा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर, इसके संचालन के बारे में एक रिपोर्ट हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को सौंपी जाएगी. बेंच ने कहा कि दोबारा चुनाव का प्रोसेस तभी पूरा माना जाएगा जब हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जमा की गई रिपोर्ट के आधार पर इस बात से संतुष्ट हो जाएंगे कि वे फ्री और फेयर तरीके से हुए थे. बेंच ने कहा कि ऐसी संतुष्टि दर्ज होने पर ही दोबारा चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे, और कहा कि दोबारा चुनाव का पूरा प्रोसेस 6 हफ्तों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा.

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर को एक मेंबर वाला फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन बनाया गया था. कुल मिलाकर कमीशन ने 50 वार्ड के चुनावों को गलत पाया और उन्हें रद्द करने लायक पाया (जिला पटियाला में 28 और जिला मोगा में 22).

बेंच ने कहा कि पंजाब की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने साफ तौर पर कहा कि राज्य को कमीशन की सिफारिशों को मानने में कोई आपत्ति नहीं है. बेंच ने कहा, 'इसलिए हम कमीशन की सिफारिशों को मानते हैं और निर्देश देते हैं कि संबंधित 50 वार्ड में नए चुनाव कराए जाएं.'

यह आदेश दिसंबर 2024 के नगर निगम चुनावों से शुरू हुई एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया है. चुनाव के दौरान इन नगर निगमों के कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के सदस्यों, पुलिसवालों और दूसरों ने उन्हें नॉमिनेशन पेपर फाइल करने से रोका.

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