हाईकोर्ट के 5 लाख मुआवजे के आदेश को डीएम मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के प्रदर्शन में NSA हिरासत में ली गई दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने और यह राशि डीएम मेधा रूपम व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की वेतन से वसूलने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम मेधा रूपम ने उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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सैलरी से 5 लाख मुआवजे पर तकरार:हाईकोर्ट के आदेश को डीएम ने दी SC में चुनौती, नोएडा हिंसक प्रदर्शन से जुड़ा मामला
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डीएम मेधा रूपम से जुड़े 5 लाख रुपए के मुआवजे के मामले में नया मोड़ आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की NSA के तहत हुई हिरासत को रद्द करते हुए उसे 5 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद
कोर्ट ने यह रकम डीएम मेधा रूपम समेत मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूलने की बात कही थी। दरअसल, अप्रैल में नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था।
प्रशासन की ओर से आरोप लगाया गया था कि आकृति प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल थीं और हिंसा भड़काने में उनकी भूमिका थी। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने NSA हिरासत रद्द की
2 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी की हिरासत रद्द कर दी थी। अदालत ने कहा था कि हिरासत का आधार सरकार की ओर से पेश की गई ऐसी कहानी पर टिका था, जिसे साबित नहीं किया जा सका। कोर्ट ने डीएम मेधा रूपम की ओर से पारित हिरासत आदेश के तरीके पर भी गंभीर टिप्पणी की थी।
डीएम ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब डीएम मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका में हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आकृति चौधरी को 5 लाख रुपए मुआवजा देने और इसकी वसूली डीएम समेत जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से करने का निर्देश दिया गया था।
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