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अंबेडकरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत ने सुलह‑समझौते से 1.4 लाख से अधिक विवादों का समाधान किया

दिसंबर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज ने दीपार्चन करके कार्यवाही शुरू की, और विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने मिलकर 1.40 लाख से अधिक वादों को सुलह‑समझौते के जरिए निपटाया। बैंकों के स्टाल से 552 मामलों का निपटारा 3.77 करोड़ रुपये के समझौते से हुआ, जिससे न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमेबाज़ी के बोझ को घटाने की आशा है।

13 सितंबर 2026 को 03:04 pm बजे
अंबेडकरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत ने सुलह‑समझौते से 1.4 लाख से अधिक विवादों का समाधान किया

सौजन्य से:- Jagran

अंबेडकरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत- 1.40 लाख से अधिक वादों का सुलह-समझौते से निपटारा

अंबेडकरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सुलह-समझौते के माध्यम से एक लाख चालीस हजार से अधिक वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।

HighLights

- राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.40 लाख से अधिक वाद निपटाए गए।

- जिला जज ने दीपार्चन कर लोक अदालत का शुभारंभ किया।

- बैंकों ने 3.77 करोड़ के समझौते से 552 वाद निपटाए।

जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते से एक लाख चालीस हजार से अधिक वादों का निस्तारण किया गया। सुबह जिला जज चंद्रोदय कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीपार्चन एवं पुष्पार्चन कर शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हत्या एवं अन्य जघन्य अपराधों को छोड़कर अन्य सभी मामले का निपटारा सुलह-समझौता के माध्यम से वादी करा सकते हैं।

23 अदालतें लगाई गई। जिला जज ने चार वादों का निस्तारण किया। पारिवारिक प्रधान न्यायाधीश राजेश भारद्वाज ने 16 वैवाहिक तथा पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज प्रथम पवन कुमार शुक्ल ने तीन, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट चिंताराम ने नौ वाद निस्तारित किए।

अपर जिला जज (त्वरित) प्रथम परविंद कुमार ने तीन, अपर जिला जज (त्वरित) द्वितीय भारतेंदु प्रकाश गुप्त ने 1109 वाद निपटाएं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार ने सबसे अधिक 5418 वादों का निस्तारण किया।

सिविल जज, (सीनियर डिवीजन) शिखा यादव ने 23, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. धर्मेंद्र कुमार यादव 514, सिविल जज (सीडि) त्वरित/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यादवेंद्र सिंह ने 525 वादों का निपटारा किया।

सिविल जज (जूडि) अंजिता सिंह चौहान ने 355, अपर सिविल जज (जूडि) प्रथम राजन राठी 185, अपर सिविल जज (जूडि) द्वितीय रनंजय सिंह 297, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय भीटी हिमांशु वर्मा ने 176 वादों का निस्तारण किया। इसके अलावा अन्य न्यायिक अधिकारियों ने वादों का निपटारा किया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आठ वादों का निस्तारण करते हुए 48 लाख 21 हजार 418 रुपये क्षतिपूर्ति दिलवाई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नीलम वर्मा ने बताया कि सभी न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों द्वारा 10 हजार 36 वाद, राजस्व न्यायालयों ने 19 हजार 530 राजस्व वाद, विद्युत विभाग के 3916 वाद एवं अन्य विभागों ने 107569 वाद निपटाए। बैंकों ने स्टाल लगाकर 552 वाद निस्तारित करते हुए तीन करोड़ 77 लाख 29 हजार 520 रुपये का समझौता किया। इसमें एक करोड़ 50 लाख 80 हजार 390 रुपये वसूल किया गया। प्री-लिटिगेशन के 131573 वादों का निस्तारण किया गया।

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