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सुप्रीम कोर्ट ने डीपफेक‑AI कंटेंट पर गुजरात हाई कोर्ट के PIL को रोका, केंद्र की ट्रांसफर याचिका पर नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट में चल रहे डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने अवैध कंटेंट के PIL की कार्यवाही पर रोक लगाई और केंद्र सरकार की ट्रांसफर याचिका पर नोटिस दिया। हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को SAHYOG पोर्टल से जुड़ने और समयबद्ध हटाने की दिशा में आदेश दिया था। केंद्र का तर्क है कि समान मामलों को अन्य हाई कोर्टों में भी रोक दी गई है और अब वे शीर्ष न्यायालय में हैं।

12 सितंबर 2026 को 06:05 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने डीपफेक‑AI कंटेंट पर गुजरात हाई कोर्ट के PIL को रोका, केंद्र की ट्रांसफर याचिका पर नोटिस जारी

सौजन्य से:- Navbharat Times

डीपफेक और AI से तैयार कंटेंट पर गुजरात हाई कोर्ट में चल रही PIL की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। केंद्र की ट्रांसफर याचिका पर नोटिस जारी हुआ। गुजरात हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को SAHYOG Portal से जुड़ने और अवैध कंटेंट पर समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया था।

राजेश चौधरी, नई दिल्ली: सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ रहे डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार कंटेंट को लेकर गुजरात हाई कोर्ट में चल रही PIL की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अपने पास ट्रांसफर करने की केंद्र सरकार की याचिका पर नोटिस भी जारी किया है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश एडवोकेट जोहेब हुसैन ने कहा कि इसी तरह की कार्यवाही अन्य हाई कोर्ट में भी चल रही थी, जिन पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा चुका है और संबंधित मामले अब शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित हैं।

सोशल मीडिया कंपनियों को HC का निर्देश

गुजरात हाई कोर्ट ने अप्रैल में इस PIL पर सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार की ओर से दाखिल हलफनामों पर कंपनियों से जवाब मांगा था। मामला सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 और 2026 में किए गए संशोधनों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म की due diligence जिम्मेदारियों के सख्त अनुपालन से जुड़ा था।हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश में सोशल मीडिया कंपनियों से केंद्र सरकार के SAHYOG Portal से जुड़ने को कहा था, ताकि कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ समन्वय कर अवैध कंटेंट पर समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।

अवैध AI कंटेंट पर तेजी से कार्रवाई

हाई कोर्ट ने कहा था कि मौजूदा कानूनी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक समान तरीके से लागू करने की जरूरत है।

524 इंटरमीडियरीज SAHYOG से जुड़े

केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि उसने धारा 79(3)(b) और नियम 3(1)(d) के तहत नोटिस भेजने के लिए SAHYOG Portal विकसित किया है। यह पोर्टल अक्टूबर 2024 से संचालित है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा इंटरमीडियरीज को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर अवैध सिंथेटिक कंटेंट को हटाने तथा संबंधित यूजर्स की पहचान में मदद करता है।

लेखक के बारे मेंराजेश चौधरीराजेश चौधरी 2007 से नवभारत टाइम्स से जुड़े हुए हैं। वह दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, निचली अदालत और सीबीआई से जुड़े विषयों को कवर करते हैं और स्पीड न्यूज में भी आपको इस बारे में खबर देते रहेंगे। यदि आपके पास कोर्ट से जुड़े मामलों की कोई सूचना है तो आप उनसे इस ईमेल अड्रेस - journalistrajesh@gmail.com - पर संपर्क कर सकते हैं।... और पढ़ें

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