स्नैचिंग के आरोपी को मिली 5 साल की सजा, अदालत ने कहा- सख्ती जरूरी
चंडीगढ़ की अदालत ने स्नैचिंग के एक मामले में दोषी को 5 साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि स्नैचिंग एक बड़ा अपराध है और इस पर सख्ती से नकेल कसना जरूरी है।

सौजन्य से:- Jagran
पर्स और मोबाइल छीनने की कोशिश करने वाले को 5 साल की सजा, चंडीगढ़ Court ने कहा-स्नैचिंग बड़े अपराधों में एक
चंडीगढ़ की जिला अदालत ने तीन साल पुराने स्नैचिंग मामले में दिनेश नामक व्यक्ति को पांच साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने स्नै ...और पढ़ें
HighLights
- स्नैचिंग मामले में दिनेश को पांच साल की सजा।
- चंडीगढ़ अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
- अदालत ने स्नैचिंग को बड़ा सड़क अपराध बताया।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। तीन साल पुराने स्नैचिंग के मामले में जिला अदालत ने एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला शख्स जगतपुरा, मोहाली का रहने वाला दिनेश है।
उस पर अदालत ने 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अपने फैसले में जज ने कहा कि स्नैचिंग आज सड़क पर होने वाले सबसे बड़े अपराधों में से एक बन चुका है। इसलिए दोषी को सख्त सजा देनी जरूरी है।
अगस्त 2023 को लेबर का काम करने वाले हरीपाल ने शिकायत दी थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह अपनी साइकिल से काम पर जा रहा था। सेक्टर-48 मोटर मार्केट के पास बाइक पर आए दो युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया।
पीछे बैठे युवक ने उसकी जेब से पर्स निकाल लिया जिसमें 50 रुपये और आधार कार्ड था। वहीं, बाइक चालक नाबालिग ने उसका मोबाइल छीनने का प्रयास किया। हरीपाल ने शोर मचाया तो तभी वहां लोग जमा हो गए।
एक राहगीर ने बाइक के पीछे बैठे दिनेश को मौके पर ही पकड़ लिया हालांकि बाइक चालक मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया था।
स्नैचिंग से आम लोगों में डर, सख्ती जरूरी : अदालत
सजा सुनाते हुए अदालत ने स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि स्नैचिंग आज सबसे बड़े सड़क अपराधों में से एक बन चुकी है, जिससे खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
ऐसे मामले लगभग हर दिन सामने आ रहे हैं। अदालत ने कहा कि इस अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सख्त रुख अपनाना जरूरी है। ऐसे मामलों में नरमी बरतना अपराधियों का मनोबल बढ़ाने के समान होगा। इसी कारण अदालत ने आरोपित को पांच साल की सजा सुना दी।
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