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पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी, 27 जुलाई को संसद में पेश हो सकता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के लिए वीडियो संदेश में कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और सख्त कानून लाएगी। पेपर लीक संशोधन बिल को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी मिल गई है, जो 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है।

24 जुलाई 2026 को 10:15 am बजे
पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी, 27 जुलाई को संसद में पेश हो सकता है

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी:27 जुलाई को संसद में पेश हो सकता है, मोदी का आधी रात मैसेज- सख्त कानून लाएंगे

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पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को संसद में पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है।

मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी।

PM मोदी ने X हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया। कहा-

पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।

उन्होंने यह भी कहा- हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।

पीएम के वीडियो संदेश पर राहुल ने कहा- प्रधान को हटाएं

- राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में इसे आधी रात का बेकार वीडियो बताया। उन्होंने लिखा- मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात के इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। प्रधान को हटाएं, छात्रों को पीटने वालों को सजा दें और माफी मांगें।

- CJP ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार जो सबसे सख्त कार्रवाई कर सकती है, वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाना है।

- CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा- मोदी जी, कल ही धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यही सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं।

पीएम ने गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था

पीएम मोदी ने गुरुवार को ही पेपर लीक केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की बात कही थी। दरअसल, यह पूरा मामला 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक से जुड़ा है।

इसी NEET UG पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन कर रही है। सोनम वांगचुक ने 26 दिन अनशन किया और संसद में सांसद हंगामा कर रहे हैं।

फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अबतक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। CBI जल्द ही इस चार्जशीट फाइल कर सकती है।

पिछले 4 दिन में पेपर लीक पर पीएम के 2 बयान….

21 जुलाई: पेपर लीक घोर पाप है NDA संसदीय दल की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि पेपर लीक घोर पाप है। सरकार को जैसे ही जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई की। अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। राज्यों से भी सहयोग की अपील की ताकि भविष्य में पेपर लीक रोके जा सकें।

23 जुलाई: पेपर लीक केस की जांच करने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे प्रधानमंत्री ने X पर लिखा था- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द सजा देने, केस के निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…

सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में दोनों सचिव बदले

केंद्र सरकार ने गुरुवार को ही नौकरशाही में बड़ा फेरबदल किया। 17 सीनियर अधिकारियों के तबादले और प्रमोशन के आदेश जारी किए गए।

सबसे बड़ा फेरबदल शिक्षा मंत्रालय में ही हुआ। यहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वे मौजूदा सचिव विनीत जोशी की जगह लेंगे। जबकि विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय सचिव बना दिया गया है।

इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' और इससे जुड़े दूसरे अपराधों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया है। इससे जुड़े सभी मामले इसमें ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

दिल्ली हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालीगा का ट्रांसफर राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज के तौर पर किया है।

जानिए क्या है, पब्लिक एग्जामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट

- लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 देश का पहला सेंट्रल एंटी-पेपर लीक कानून है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी। 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसका मकसद एंट्रेंस एग्जाम में पेपर लीक, नकल और परीक्षा घोटालों पर रोक लगाना है।

- इस कानून के तहत पेपर लीक करने वालों को 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख तक का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई गिरोह शामिल है तो उसके लिए 5 से 10 साल की जेल और एक करोड़ के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

- परीक्षा कराने वाली एजेंसी अगर पेपर लीक में दोषी हो तो उसके लिए एक करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूल करना और अगले 4 साल कोई परीक्षा न करवाने जैसी सजा शामिल है।

- इस कानून के तहत अपराधी पर गैर जमानती धाराएं लगती हैं। मामला समझौते से खत्म नहीं किया जा सकता। केस की जांच DSP या उससे सीनियर अफसर करते हैं।

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ये खबर भी पढ़ें…

सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अनशन तोड़ा, जेपी नड्डा-जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाया

पेपर लीक के खिलाफ 26 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात मेदांता पहुंचे। उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। पढ़ें पूरी खबर…

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