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राज्यपाल ने शपथ दी, वी. कामेश्वर राव ने संभाली पटना हाईकोर्ट की कमान

राज्यपाल ने बिहार के लोक भवन में वी. कामेश्वर राव को शपथ दिलाई, जिससे वे पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश बनें। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद यह नियुक्ति हुई, जो मीनाक्षी मदन राय के पदत्याग के बाद आई। राव, जिन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और कर्नाटक हाईकोर्ट सहित विभिन्न न्यायालयों में सेवा की है, अब इस नई जिम्मेदारी को संभालेंगे।

13 सितंबर 2026 को 02:05 pm बजे
राज्यपाल ने शपथ दी, वी. कामेश्वर राव ने संभाली पटना हाईकोर्ट की कमान

सौजन्य से:- Jagran

जस्टिस वी. कामेश्वर राव बने पटना हाईकोर्ट के 49वें चीफ जस्टिस, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव ने पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

HighLights

- न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव ने मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली।

- राज्यपाल ने पटना के लोक भवन में शपथ दिलाई।

- वे पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश बने।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव ने रविवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

बिहार के लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण के साथ ही न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव ने पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छह अगस्त 2026 को हुई बैठक में न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई।

इससे पहले पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय के 11 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ न्यायाधीश सुधीर सिंह कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था।

उन्होंने 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में स्नातक और 1990 में विधि की पढ़ाई पूरी की। मार्च 1991 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।

दो दशक वकालत

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण समेत विभिन्न न्यायिक मंचों पर करीब दो दशक तक वकालत की।

सेवा, श्रम, संवैधानिक, प्रशासनिक और मध्यस्थता से जुड़े मामलों में उन्हें विशेष अनुभव रहा। वर्ष 2010 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता बनाया गया। 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

18 मार्च 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। जून 2024 में उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट हुआ, जहां मई 2025 में उन्होंने कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी काम किया।

जुलाई 2025 में वे फिर दिल्ली हाईकोर्ट लौटे। अब उन्हें पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह भी पढ़ें- सारण के छोटे से गांव से पटना हाई कोर्ट तक का सफर, कौन हैं नए अपर महाधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह?

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