लोक अदालत में 1976 विवादों का आपसी समाधान, 647 कर्जदारों का 1.78 करोड़ ऋण निपटाया
व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने आपसी समझौते के माध्यम से 1976 मामलों को सुलह‑समझौते से निपटारा किया, जहाँ 17 बेंचों ने कार्यवाही की। बैंकों ने 647 कर्जदारों के साथ मिलकर कुल 1 करोड़ 77 लाख 65 हजार 412 रुपये की ऋण राशि का निपटारा किया और 78 लाख 67 हजार 968 रुपये प्राप्त किए। साथ ही 330 अलग‑अलग मामलों, जिसमें विभिन्न अधिनियमों से जुड़े विवाद शामिल थे, को भी सुलह के आधार पर समाप्त किया गया।

सौजन्य से:- Hindustan
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1976 मामलों का हुआ निपटारा
व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 1976 मामलों का आपसी सुलह-समझौते से निपटारा किया गया। न्यायालय में 17 बेंचों का गठन किया गया था। जिला जज उपेंद्र कुमार ने सस्ते और सुलभ न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया। बैंकों ने 647 कर्जदारों के साथ समझौता कर एक श्रृंखला में निपटारे किए।
व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1976 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इसके लिए व्यवहार न्यायालय में कुल 17 बेंच गठित किए गए थे।
आयोजन की शुरुआत
इससे पहले लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी अध्यक्ष सह जिला जज उपेंद्र कुमार, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गिरधारी उपाध्याय, पुलिस उपाधीक्षक मो. शहनवाज अख्तर, जिला परिवहन पदाधिकारी रंजीत कुमार एवं प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच संचालन न्यायिक पदाधिकारी आकांक्षा आनंद ने किया। इस अवसर पर प्रभारी जिला जज उपेंद्र कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सस्ता, सहज और सुलभ न्याय मिलता है। इसमें पक्षकारों को बार-बार न्यायालय आने की परेशानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि नियमित अदालत के फैसले में एक पक्ष की जीत और दूसरे की हार होती है, जिससे कई बार विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता। लोक अदालत में दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान करते हैं। इसमें न किसी की जीत होती है और न किसी की हार, बल्कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सामान्य बनाए रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से कोई भी निराश होकर पक्षकार नहीं लौटे। लोग अधिक से अधिक इस अवसर का लाभ उठावें। सचिव ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय के बोझ को कम करने का सरल तरीका है। इस लोक अदालत में उभयपक्षों की जीत होती है।
बैंकों के साथ समझौता
लोक अदालत की सफलता में अधिवक्ताओं कौशलेंद्र कुमार, रामाशीष प्रसाद, महेश्वर प्रसाद, आशा कुमारी, मदन पांडेय, अरुण कुमार वर्मा, नीभा कुमारी, आशुतोष कुमार, प्रमोद कुमार, सोनू सिन्हा, अखिलेश नारायण, उजमा नसीम, भारत भूषण सिन्हा, डॉ. संजय कुमार मिश्रा, भारत भूषण, मनोज कुमार एवं गोरे लाल प्रसाद सिंह समेत प्राधिकार के कर्मियों राकेश कुमार, सुशील कुमार, दिवाकर कुमार, राम अखिलेश पासवान, कुणाल कुमार, अनिकेश कुमार, सब्बीर, बब्लू रजक एवं अमित गौरव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऋण राशि का निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि विभिन्न बैंकों ने 647 कर्जदारों के साथ समझौता कर 1 करोड़ 77 लाख 65 हजार 412 रुपये की ऋण राशि का निपटारा किया। इसके एवज में बैंकों को 78 लाख 67 हजार 968 रुपये प्राप्त हुए। इसमें बैंक द्वारा कुल 17765412 रुपए की वसूली की गई। बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक ने 389, डीजीबी ने 57, स्टेट बैंक ने 103, बैंक ऑफ इंडिया ने 23, यूबीआई ने 22, इंडियन बैंक ने एक, सेंट्रल बैंक ने पांच, बैंक ऑफ बड़ौदा ने चार, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने 29, आईडीबीआई बैंक ने एक, आईओबी ने 12 और यूको बैंक ने एक कर्जदार के साथ समझौता किया।
मामलों का निपटारा
न्यायालयों में लंबित 330 मामलों का भी निपटारा व्यवहार न्यायालय की विभिन्न अदालतों में लंबित 330 मामलों का भी सुलह के आधार पर निपटारा किया गया। इनमें माप एवं तौल अधिनियम के नौ, वन अधिनियम के पांच, खनन से संबंधित 49, श्रम अधिनियम के दो, पारिवारिक विवाद के तीन, मोटर वाहन दुर्घटना दावा वाद के तीन, विद्युत विपत्र से जुड़े तीन, दूरसंचार के 903, ग्राम कचहरी के 28 तथा नीलाम वाद के 171 मामलों का निपटारा किया गया। जिला परिवहन विभाग द्वारा 249 मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निपटाया गया। वहीं यातायात नियमों से संबंधित 550 मामलों का निपटारा किया गया।
पुराने मामलों का समझौता
पुराने मामलों में भी हुआ समझौता राष्ट्रीय लोक अदालत में कई पुराने मामलों के पक्षकारों ने स्वेच्छा से समझौता कर विवाद समाप्त किया। इनमें नवादा नगर थाना कांड संख्या 189/04, 98/05 और 60/10, रजौली थाना कांड संख्या 105/09 व 106/12, नरहट थाना कांड संख्या 38/08, गोविंदपुर थाना कांड संख्या 55/10, कौआकोल थाना कांड संख्या 130/11, काशीचक थाना कांड संख्या 21/11, सिरदला थाना कांड संख्या 143/13, रोह थाना कांड संख्या 46/14 समेत परिवाद पत्र संख्या 828/04 और प्रोटेस्ट परिवाद पत्र संख्या 565/03 शामिल रहे।
प्रभारी जिला जज का आभार
लोक अदालत के सफल आयोजन पर प्रभारी जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी अध्यक्ष उपेंद्र कुमार ने पक्षकारों, जिला प्रशासन, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्राधिकार की ओर से जारी नोटिस का जिला प्रशासन ने तामिला कराया, जिसके कारण बड़ी संख्या में पक्षकार लोक अदालत में पहुंच सके। अधिवक्ताओं ने भी पक्षकारों को आपसी समझौते के लिए प्रेरित किया।
न्यायिक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति
17 बेंचों पर न्यायिक पदाधिकारी रहे प्रतिनियुक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए गठित बेंचों पर न्यायिक पदाधिकारी उपेंद्र कुमार, संजय कुमार मिश्रा, आशुतोष खेतान, ज्योति कुमारी, आनंद भूषण, राहुल किशोर, अश्विनी कुमार, लक्ष्मीनाथ, चंद्रभूषण भारती, रजत दीप, अनिता कुमारी, शत्रुंजय कुशवाहा, संतोष कुमार, सोनम रानी, आकांक्षा आनंद, अनुराग, चंद्रलेखा मौर्या तथा जिला नीलाम पदाधिकारी गौरव शंकर को प्रतिनियुक्त किया गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार ने सभी बेंचों का भ्रमण कर कार्यवाही का जायजा लिया। उन्होंने पक्षकारों से बातचीत कर निपटाए गए मामलों की जानकारी भी ली। (नवादा से डॉ.संजय कुमार मिश्रा)
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