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हापुड़ में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 2.9 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, 5.1 करोड़ का सेटलमेंट

हापुड़ में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 2,89,956 मामलों का निस्तारण करते हुए 5,10,72,596 रुपये का सेटलमेंट किया। न्यायालयों, बैंकों, राजस्व व पुलिस विभागों के सहयोग से यह उपलब्धि सम्भव हुई। 3,354 लघु आपराधिक वादों सहित 26 मामलों में 2.09 करोड़ के समझौते भी हुए।

13 सितंबर 2026 को 01:05 pm बजे
हापुड़ में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 2.9 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, 5.1 करोड़ का सेटलमेंट

सौजन्य से:- Jagran

हापुड़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा रिकॉर्ड, 2.90 लाख मामलों का निस्तारण; 5 करोड़ का हुआ सेटलमेंट

हापुड़ में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 2.90 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण कर 5.10 करोड़ रुपये से अधिक का ...और पढ़ें

HighLights

- हापुड़ में राष्ट्रीय लोक अदालत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की।

- कुल 2,89,956 मामलों का निस्तारण, 5.10 करोड़ का सेटलमेंट।

- न्यायालयों, बैंकों और विभागों ने मिलकर विवादों का समाधान किया।

जागरण संवाददाता, हापुड़। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जिले ने निस्तारण के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की। जनपद के न्यायालयों, बैंकों, राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों में कुल 2,89,956 मामलों का निस्तारण किया गया।

बताया गया कि इन मामलों में कुल 5,10,72,596 रुपये का सेटलमेंट हुआ। अकेले विभिन्न न्यायालयों ने 5,037 मामलों का निस्तारण करते हुए 2,84,67,596 रुपये का सेटलमेंट किया।

वहीं विभिन्न विभागों ने 2,84,752 मामलों का निस्तारण किया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह प्रथम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक अधिकारी और वादकारी मौजूद रहे।

26 मामलों में 2.09 करोड़ का समझौता

लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश अजय कुमार सिंह प्रथम ने एक वाद का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पीयूष पांडेय ने 42 वाद निस्तारित किए। इनमें छह दंपतियों को सुखमय जीवन की शुभकामनाओं के साथ न्यायालय से विदा किया गया।

12 मामलों में वादीगण को संपूर्ण भरण-पोषण धनराशि दिलाई गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी गुरप्रीत सिंह बावा ने 26 वादों का निस्तारण किया। इनमें 2,09,35,000 रुपये का सेटलमेंट हुआ। अपर जिला जज प्रथम हनी गोयल ने दो वाद निस्तारित कर 1,000 रुपये का अर्थदंड वसूल किया।

पॉक्सो और एससी-एसटी मामलों का भी निस्तारण

विशेष पाक्सो न्यायालय प्रथम के अपर जिला जज ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने चार वादों का निस्तारण करते हुए 12 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला। विशेष एससी-एसटी न्यायालय के अपर जिला जज यज्ञेश चन्द्र पांडेय ने सात वाद निस्तारित किए और 2,500 रुपये का सेटलमेंट हुआ।

अपर जिला जज द्वितीय शेष बहादुर निषाद ने एक वाद का निस्तारण किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज/विशेष पाक्सो न्यायालय द्वितीय अवनीश कुमार राय ने 290 वाद निस्तारित किए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम मिताली गोविंद राव ने छह वादों का निस्तारण करते हुए तीन रुपये का अर्थदंड वसूला।

सीजेएम ने 3,354 लघु आपराधिक वाद निपटाए

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार वर्मा ने लोक अदालत में सबसे अधिक 3,354 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया। इन मामलों में 2,25,030 रुपये का अर्थदंड वसूला। अपर सिविल जज सी.डि. प्रथम आदित्य जायसवाल ने 61 वाद निस्तारित कर 3,700 रुपये का अर्थदंड वसूला। सिविल जज सीडि त्वरित न्यायालय सुनील शेखर ने 160 मामलों का निस्तारण किया। इनमें 20,22,876 रुपये का सेटलमेंट और 1,510 रुपये का अर्थदंड वसूला।

निचली अदालतों में भी बड़ी संख्या में मामले निपटे

सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम जागृति प्रथम ने 16 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय प्रतिभा शुक्ला ने 33 मामलों का निस्तारण करते हुए 2.50 लाख रुपये का सेटलमेंट और 11,800 रुपये का अर्थदंड वसूला।

न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय साधना सिंह ने 202 मामलों का निस्तारण किया। इनमें 8.20 लाख रुपये का सेटलमेंट तथा 7,850 रुपये का अर्थदंड वसूला। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम/न्यायिक मजिस्ट्रेट पिंकी वर्मा ने 101 मामलों का निस्तारण किया। इनमें 14,20,270 रुपये का सेटलमेंट और नौ रुपये का अर्थदंड वसूला।

गढ़मुक्तेश्वर के अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार द्वितीय ने 313 वाद निस्तारित किए और 3,340 रुपये का अर्थदंड वसूला। ग्राम न्यायालय धौलाना के न्यायाधिकारी दीपक गौतम ने 45 मामलों का निस्तारण कर चार सौ रुपये का अर्थदंड वसूला।

सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित न्यायालय द्वितीय आभा ने 131 मामलों का निस्तारण किया। इनमें 12.20 लाख रुपये का सेटलमेंट और 8,700 रुपये का अर्थदंड वसूला। सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित न्यायालय प्रथम शैली सरण ने 141 वादों का निस्तारण करते हुए 70 हाजर रुपये का सेटलमेंट और 14,050 रुपये का अर्थदंड वसूला।

बैंकों के 167 प्री-लिटिगेशन मामले भी सुलझे

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि विभिन्न बैंकों द्वारा लोक अदालत के लिए 350 मामले नियत किए गए थे। इनमें से 167 प्री-लिटिगेशन मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ। इन मामलों में 2,26,05,000 रुपये का सेटलमेंट हुआ, जबकि 75,24,000 रुपये की धनराशि नकद प्राप्त हुई।

न्यायिक स्तर पर 5,037 मामलों में 2,84,67,596 रुपये के सेटलमेंट के साथ राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से 2,84,752 मामलों का निस्तारण किया। इस तरह जिले में कुल 2,89,956 मामलों का निपटारा हुआ और 5,10,72,596 रुपये का सेटलमेंट हुआ।

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