सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ी, केतन अग्रवाल मर्डर केस में और आगे बढ़ रही जांच
पुणे जिले की अदालत ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत सोमवार को तीन जुलाई तक बढ़ा दी. पुलिस ने अदालत से हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था, क्योंकि मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल जरूरी है, जिनमें किले में अपराध स्थल का सही स्थान और लापता पासपोर्ट भी शामिल है. पुलिस का दावा है कि इस मामले में पहले ही कई महत्वपूर्ण सुराग हासिल कर लिए हैं और उन्हें सत्यापित करने की प्रक्रिया जारी है.

सौजन्य से:- ETV Bharat
केतन अग्रवाल मर्डर केस: अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ाई
पुणे के लोहागढ़ किले में हुए हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में और तेजी आ गई है.
Published : June 29, 2026 at 10:23 PM IST
पुणे (लोनावाला): पुणे जिले की एक अदालत ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत सोमवार को तीन जुलाई तक बढ़ा दी. दोनों को उनकी प्रारंभिक पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद वडगांव मावल स्थित ए एम विभुते की अदालत में पेश किया गया था.
पुलिस ने अदालत से हिरासत बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल जरूरी है, जिनमें किले में अपराध स्थल का सही स्थान और लापता पासपोर्ट भी शामिल है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह मांग मान ली. इस मामले ने पूरे राज्य में बड़ा हंगामा मचा दिया है. जिस केस को शुरू में दुर्घटना माना जा रहा था, वह बाद में मर्डर निकला.
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मृतक केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) को केतन अग्रवाल की हत्या की कथित तौर पर साजिश रचने और उन्हें पुणे जिले के लोहागढ़ किले की मुंडेर से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
अभियोजन ने हिरासत अवधि बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या के लिए उपयुक्त स्थान चुनने के लिए किले का दौरा किया था और पुलिस उन स्थानों की पहचान करना चाहती है जहां कथित तौर पर पूर्वाभ्यास किया गया था.
सहायक लोक अभियोजक राजश्री विरकुड ने अदालत को बताया कि पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि सिया गोयल ने 6 जून को मुंबई जाते समय केतन का पासपोर्ट कहां फेंका था. आरोपी की ओर से अधिवक्ता विपुल डुशिंग ने अदालत में दलील दी कि उसकी गिरफ्तारी अवैध है और इसके लिए कोई ठोस आधार नहीं है.
तकनीकी सबूतों, गवाहों के बयानों और क्राइम सीन पर जांच के आधार पर कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. इसके बाद, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ शुरू कर दी.
नई जानकारी सामने आने की संभावना
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी से अभी गहरी पूछताछ चल रही है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य हत्या के पीछे की सटीक साजिश, प्रत्येक आरोपी की भूमिका, अपराध से पहले और बाद में उनकी गतिविधियों, मोबाइल फोन से डेटा, डिजिटल साक्ष्य और अन्य संबंधित पहलुओं को उजागर करना है. पुलिस ने संभावना व्यक्त की है कि इस जांच के माध्यम से और महत्वपूर्ण सबूत और नई जानकारी सामने आ सकती है.
जांच के हिस्से के रूप में, अपराध स्थल की फिर से जांच की जाएगी और आरोपियों द्वारा दिए गए बयानों का सत्यापन किया जाएगा. तकनीकी विश्लेषण और साथ ही अन्य संदिग्धों के साथ संबंधों की जांच सावधानीपूर्वक की जाएगी. पुलिस का दावा है कि इस मामले में पहले ही कई महत्वपूर्ण सुराग हासिल कर लिए हैं और उन्हें सत्यापित करने की प्रक्रिया जारी है.
सिया गोयल और चेतन चौधरी 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में
इस बीच, एडवोकेट उज्ज्वल निकम को इस मामले में केतन अग्रवाल का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेष सरकारी अभियोजक के रूप में नियुक्त किया गया है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने आरोपी को 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया.
अहम खुलासे की संभावना
इस केस की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है. पुलिस कस्टडी के दौरान पूछताछ और तेज होने की संभावना है. जांच एजेंसियां सबूतों और घटनाओं की कड़ी को जोड़ने के लिए काम कर रही हैं. इसलिए, आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के बारे में और अहम खुलासे होने की संभावना है. हालांकि, जांच जारी है, इसलिए पुलिस की दी गई जानकारी जांच के दौरान किए गए दावों पर आधारित है. आखिरी सच्चाई सिर्फ कानूनी प्रक्रिया से ही पता चलेगी.
ये भी पढ़ें: केतन अग्रवाल मर्डर मामला : क्राइम स्थल पर सिया और चेतन, रिक्रिएट किया गया सीन
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