दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चोरी के मामले में भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर लगाए आरोप
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के मामले में भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि इन संगठनों को जवाबदेह होनी चाहिए क्योंकि उन्हें मंदिर निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
जिसने भगवान राम का घर नहीं छोड़ा, उसे कानून को भी नहीं छोड़ना चाहिए: दिग्विजय सिंह
बड़वानी में दिग्विजय सिंह का भाजपा पर हमला, राम मंदिर चोरी मामले में चंपत राय पर FIR की मांग, मोहन यादव पर लगाए गंभीर आरोप.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 29, 2026 at 6:00 PM IST
|Updated : June 29, 2026 at 6:48 PM IST
बड़वानी: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सोमवार को बड़वानी जिले के ग्राम तलून में आयोजित भव्य खाटू श्याम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के मामले को लेकर तीखे सवाल उठाए और मंदिर निर्माण समिति के महासचिव चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि "अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है. इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि आम लोगों के मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली जाती है."
"जिसने भगवान राम के घर को नहीं छोड़ा, उसे कानून को भी नहीं छोड़ना चाहिए"
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चंपत राय और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि "यदि देश के लोगों में भगवान श्रीराम और सनातन धर्म के प्रति सच्ची आस्था है, तो उन्हें इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करनी चाहिए. जिसने भगवान राम के घर को नहीं छोड़ा, उसे कानून को भी नहीं छोड़ना चाहिए."
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था और यदि जरूरत पड़ी तो इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे. उनका कहना था कि यह केवल चोरी का मामला नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा विषय है.
भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर लगाए आरोप
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि "राम मंदिर में हुई चोरी की नैतिक जिम्मेदारी भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को लेनी चाहिए. मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन से जुड़े लोगों की जवाबदेही तय होना जरूरी है. जब करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल हो तो किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता."
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी साधा निशाना
मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियां बड़े स्तर पर जमीनों के कारोबार में सक्रिय हुई हैं." उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं और जांच कर रहे हैं कि किन-किन कंपनियों और लोगों का इसमें संबंध है. यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसे सार्वजनिक किया जाएगा.
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दिग्विजय सिंह ने अपने कार्यकाल का किया जिक्र
दिग्विजय सिंह ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने दस वर्षों तक मध्य प्रदेश का नेतृत्व किया, लेकिन उन पर कभी भ्रष्टाचार का कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके कार्यकाल की फाइलें खंगाली थीं, लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं मिली. दिग्विजय सिंह ने मंच से कहा-"मोहन यादव जी, आप भी मेरी पूरी जांच करा लीजिए. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है."
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