सुप्रीम कोर्ट में पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग पर सुनवाई, केंद्र सरकार ने कहा विश्लेषण के बाद आगे की कवायद
सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग पर एक अहम आदेश दिया है। केंद्र सरकार ने दलील दी कि अभी इस मामले पर विश्लेषण चल रहा है और इसका पूर्ण प्रभाव अगले वर्ष स्पष्ट होगा।

सौजन्य से:- ETV Bharat
पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र बोला- अभी परीक्षण के दौर में है - ETHANOL BLENDING
🎬 Watch Now: Feature Video
Published : July 1, 2026 at 1:20 PM IST
पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए, जिसमें एथेनॉल सप्लाई वर्ष 2025-26 के लिए एक कंपनी को अतिरिक्त आवंटन पर विचार करने को कहा गया था. केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दलील दी कि ऐसा आदेश राष्ट्रीय एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का कार्यक्रम अभी परीक्षण के चरण में है और इसका वास्तविक प्रभाव अगले वर्ष स्पष्ट होगा. यह मामला भारत की स्वच्छ ईंधन नीति, ऊर्जा सुरक्षा और एथेनॉल सप्लाई व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कानूनी विवाद माना जा रहा है.
पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए, जिसमें एथेनॉल सप्लाई वर्ष 2025-26 के लिए एक कंपनी को अतिरिक्त आवंटन पर विचार करने को कहा गया था. केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दलील दी कि ऐसा आदेश राष्ट्रीय एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का कार्यक्रम अभी परीक्षण के चरण में है और इसका वास्तविक प्रभाव अगले वर्ष स्पष्ट होगा. यह मामला भारत की स्वच्छ ईंधन नीति, ऊर्जा सुरक्षा और एथेनॉल सप्लाई व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कानूनी विवाद माना जा रहा है.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट: बरी करने का आदेश तभी उलटा जा सकता है जब ट्रायल कोर्ट का दृष्टिकोण विकृत हो

सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ प्राइमस में ब्रोशर‑उल्लेखित योजना के उल्लंघन पर सीबीआई को प्रारम्भिक जांच का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हिंसा करने वाले राजनेताओं को तुरन्त हिरासत में रखने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में अवैध इमारतों की धीमी सीलिंग पर कड़ी नाराज़गी जताई

सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ प्राइमस में ब्रोशर के अनुसार निर्माण का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट की टीम ने लखनऊ में 51 अवैध व्यावसायिक निर्माणों का सर्वे किया

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफ़ारिश पर केंद्र ने 8 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त किये

सुप्रीम कोर्ट को HPC की अनुपालन रिपोर्ट: अरावली की सीमा 100 मीटर ऊंचाई से नहीं, इकोसिस्टम‑आधारित निर्धारण होगा
ताज़ा ख़बरें
- बारिश की बूँदों में भी शास्त्रीनगर की महिलाओं ने धरना नहीं छोड़ा, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय
- 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: ट्रैफिक जुर्माना, बिजली‑पानी के बिल सहित कई मुद्दों का त्वरित निपटारा
- बारिश में भी शास्त्रीनगर की महिलाएँ धरना देती रहीं, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय
- भारत‑रूस ने न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई
- अरावली संरक्षण में नई मांग: सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने रिपोर्ट का समय 28 फ़रवरी 2027 तक बढ़ाने की याचिका दायर की
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट न जमा करने पर कड़ा इशारा किया
- सुप्रीम कोर्ट ने एनएसई के ‘अनुचित पहुंच’ विवाद में नियामक की याचिका खारिज की
- सुप्रीम कोर्ट ने थाने में जब्त गाड़ियों को जर्जर होने से पहले मालिकों को लौटाने का निर्देश दिया

