अमेठी: पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 2 दोषियों को 7-7 साल की सजा
अमेठी: पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 2 दोषियों को 7-7 साल की सजा अमेठी में वर्ष 2019 में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में दो अभियुक्तों को अदालत 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई. By ET…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अमेठी: पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 2 दोषियों को 7-7 साल की सजा
अमेठी में वर्ष 2019 में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में दो अभियुक्तों को अदालत 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 17, 2026 at 10:50 PM IST
अमेठी: अमेठी में पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया. छह साल बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया. अदालत ने दोनों दोषियों को सात-सात साल की सजा और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाईशामली में पिता-पुत्र के हत्यारों को सजा, बर्खास्त सिपाही, भाई और दोस्त को उम्रकैद, पिता को पांच साल की जेल. अर्थदंड न जमा करने पर दोनों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा.
ऑपरेशन कनविक्शन के तहत हुई कड़ी पैरवी: यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के 'ऑपरेशन कनविक्शन' अभियान के तहत हुई है. पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी ने सोमवार को बताया कि पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन के तहत अमेठी पुलिस द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के चलते पुलिस के ऊपर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. न्यायालय एडीजे-04 सुल्तानपुर ने हत्या के प्रयास के दो अभियुक्तों को सात-सात वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. जिसमें अमेठी के अभियुक्त चंद्रशेखर केशरवानी पुत्र कल्लू केशरवानी एवं संदीप जायसवाल उर्फ गपोलू पुत्र गंगाराम, निवासीगण कटरालालगंज थाना गौरीगंज जनपद अमेठी को दोष सिद्ध कराने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है.
2019 में दर्ज हुआ था जानलेवा हमले का मुकदमा: अर्थदंड न अदा करने पर दो-दो माह अतिरिक्त कारावास की भी सजा काटनी पड़ेगी. जिले के गौरीगंज थाना प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा ने 16 नवंबर 2019 को दोनों अभियुक्तों द्वारा पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने पर थाना गौरीगंज में मुकदमा पंजीकृत कराया था. मामले की विवेचना विवेचक रतन सिंह द्वारा की गई. विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के उपरांत आरोप पत्र संख्या ए-08, चार जनवरी 2020 को न्यायालय प्रेषित किया गया था, जिसका अंतिम फैसला सोमवार को अदालत ने सुनाया.
यह भी पढ़ें- शामली में पिता-पुत्र के हत्यारों को सजा, बर्खास्त सिपाही, भाई और दोस्त को उम्रकैद, पिता को पांच साल की जेल
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