2-3 हजार रुपये का चालान भी हो सकता है कम, जानें कैसे?
देश में अब सड़क पर हर जगह कैमरे लग गए हैं, जिससे गलती होने पर चालान से बचना मुश्किल हो गया है। लेकिन आपको पता है कि भारतीय कानून और ट्रैफिक नियमों में लोक अदालत और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जैसे तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपने कटे हुए चालान की राशि को काफी हद तक कम करवा सकते हैं या उसे पूरी तरह खारिज भी करा सकते हैं। तो आइए जानते हैं 2-3 हजार रुपये का चालान कम करने के आसान तरीके के बारे में।

सौजन्य से:- ABP News
2-3 हजार रुपये का चालान भी हो सकता है कम, जानें कैसे?
How to Reduce Traffic Challan Amount: जानें वो कानूनी तरीके और लोक अदालत के उपाय, जिनकी मदद से आपका 2-3 हजार रुपये का चालान काफी कम या पूरी तरह माफ हो सकता है.
How to Reduce Traffic Challan Amount: हमारे देश में अब सड़क पर हर जगह कैमरे लग गए हैं. जिसके चलते अब गलती करके चालान से बचना बहुत मुश्किल है. क्योंकि, सड़कों पर लगे डिजिटल कैमरे आपकी छोटी सी गलती पर भी आपका चालान काट सकते हैं. अगर आपका भी हाल ही या कुछ दिन पहले 2 से 3 हजार रुपये तक का चालान कटा है तो आप उसे माफ करा सकते हैं. आज हम इस खबर में आपको यही बताएंगे की 2 से 3 हजार रुपये तक के चालान को कम या माफ कैसे करा सकते हैं.
क्योंकि, बहुत से लोगों को यह मालूम ही नहीं होता कि भारतीय कानून और ट्रैफिक नियमों में ऐसे कई प्रावधान मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपने कटे हुए चालान की राशि को काफी हद तक कम करवा सकते हैं या फिर उसे पूरी तरह खारिज भी करा सकते हैं. अगर आपके नाम पर भी कोई भारी-भरकम चालान पेंडिंग पड़ा है तो आपको घबराने के बजाय कानूनी प्रक्रिया और सही उपायों की जानकारी होनी चाहिए.
लोक अदालत से मिलेगी राहत
आपको बता दें कि, चालान का अमाउंट कम करवाने का सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका है नेशनल लोक अदालत. भारत सरकार और कानूनी सेवा प्राधिकरण हर कुछ महीनों में पूरे देश में लोक अदालत का आयोजन करते हैं. लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे ट्रैफिक मामलों और पेंडिंग चालानों का आपसी सहमति से निपटारा करना होता है.
क्योंकि, जब आप लोक अदालत में अपने चालान के मामले को लेकर जाते हैं तो वहां जज आपकी आर्थिक स्थिति, गलती की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए चालान की राशि को आधा या उससे भी कम कर देते हैं. कई मामलों में तो अगर गलती बहुत मामूली हो या आपके पास वाजिब कारण हो तो चालान को पूरी तरह से माफ भी कर दिया जाता है. हालांकि, इसके लिए आपको समय पर ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होता है.
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ऑनलाइन करें शिकायत दर्ज
जबकि इसके अलावा आजकल ज्यादातर शहरों में कैमरे के जरिए ऑटोमैटिक ई-चालान काटे जाते हैं. तकनीक की वजह से कई बार सिस्टम में गलती हो जाती है और किसी दूसरे की गाड़ी के उल्लंघन पर आपके नंबर पर चालान आ जाता है या फिर कार में बेल्ट लगाने के बावजूद चालान कट जाता है. अगर आपको लगता है कि आपका चालान गलत तरीके से काटा गया है तो आपको इसे सीधे भरने की कोई ज़रूरत नहीं है.
क्योंकि, आप परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक ई-चालान वेबसाइट पर जाकर शिकायत सेक्शन में अपील कर सकते हैं. वहां आपको अपनी गाड़ी के सही होने का सबूत या फोटो अपलोड करना होगा. अगर आपकी शिकायत सही पाई जाती है तो ट्रैफिक पुलिस तुरंत ही आपके चालान को रद्द कर देती है और आपको एक रुपया भी नहीं देना पड़ता.
कोर्ट में पेश करें सबूत
बता दें कि, अक्सर ऐसा देखा जाता है कि ट्रैफिक पुलिस आपको रोकती है और ड्राइविंग लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट या गाड़ी के इंश्योरेंस के पेपर घर पर छूट जाने की वजह से आपका 2000 या 5000 रुपये का भारी चालान काट देती है. मोटर वाहन अधिनियम के तहत अगर आपके पास घटना के वक्त वैलिड डॉक्यूमेंट्स मौजूद थे लेकिन आप उन्हें मौके पर दिखा नहीं पाए तो आपके पास राहत का कानूनी अधिकार है.
क्योंकि, चालान कटने के 15 दिनों के भीतर आप ट्रैफिक पुलिस स्टेशन या संबंधित कोर्ट में जाकर अपने असली और वैध डॉक्यूमेंट्स दिखा सकते हैं. इसके बाद आपका हजारों रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया जाएगा और आपको प्रति डॉक्यूमेंट सिर्फ 100 रुपये की नाममात्र पेनल्टी देकर चालान का निपटारा करने का मौका मिल जाएगा.
समय पर निपटाएं मामला
वहीं, इसके अलावा किसी भी ट्रैफिक चालान को कभी भी लंबे समय तक पेंडिंग न छोड़ें. क्योंकि, अगर आप समय पर चालान का भुगतान नहीं करते हैं तो मामला कोर्ट में ट्रांसफर हो जाता है और समन जारी हो सकता है. अगर चालान की रकम बहुत बड़ी है तो आप कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर अपनी स्थिति का ब्यौरा दे सकते हैं और जुर्माना कम करने की गुहार लगा सकते हैं.
कानूनी नियमों की थोड़ी सी जानकारी और जागरूक नागरिक की तरह सही कदम उठाकर आप 2 से 3 हजार रुपये का चालान काफी हद तक कम करवा सकते हैं. इसलिए जब भी कोई चालान आए तो सबसे पहले उसके कारण को समझें और ऊपर बताए गए तरीकों का इस्तेमाल करके अपना पैसा और समय दोनों बचाएं.
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