विशेष लोक अदालत: जिले में 157 लंबित मामलों के निपटारे की उम्मीद
शेखपुरा जिले में 18 जुलाई को आयोजित विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट के 157 लंबित मामलों के बृहद निपटारे की संभावना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अधिवक्ताओं के सहयोग से इन मामलों की संख्या में कमी लाने के प्रयास किए हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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18 जुलाई को लगेगी विशेष लोक अदालत:शेखपुरा में एनआई एक्ट के 157 लंबित मामलों के निपटारे की तैयारी तेज
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शेखपुरा में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए 18 जुलाई को देशभर में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। शेखपुरा जिले में भी इस विशेष लोक अदालत को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के अध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार बैठकें आयोजित कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा कराया जा सके।
इसी कड़ी में शुक्रवार की शाम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने एडीआर भवन में जिले के अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिकों के साथ बैठक कर विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की।
समझौते के जरिए मामलों के निपटारे पर जोर
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने अधिवक्ताओं से अपील की कि एनआई एक्ट से जुड़े सभी मामलों में दोनों पक्षों को समझौते के लिए प्रेरित करें, ताकि 18 जुलाई को आयोजित विशेष लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन हो सके।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता अपने-अपने पक्षकारों को लोक अदालत के लाभ के बारे में जागरूक करें और उन्हें समझाएं कि आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर समय और धन दोनों की बचत होती है।
157 लंबित मामलों की पहचान
प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने बताया कि जिले में एनआई एक्ट के 157 लंबित मामलों की पहचान कर ली गई है। इन सभी मामलों के पक्षकारों को नोटिस जारी कर विशेष लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए सूचित किया गया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिवक्ताओं के सहयोग से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा संभव हो सकेगा।
अधिवक्ताओं की भूमिका पर दिया गया जोर
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिकों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि वे पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करेंगे तो लंबित मामलों का जल्द समाधान हो सकेगा और न्यायालयों पर लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होगा।
सचिव ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जाता है। यहां दिए गए निर्णय अंतिम होते हैं और उनके खिलाफ सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता।
न्यायालयों में लंबित मामलों का घटेगा बोझ
जिला विधिक सेवा प्राधिकार का मानना है कि विशेष लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में एनआई एक्ट के मामलों का निष्पादन होने से न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा और पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा।
अधिकारियों ने कहा कि चेक बाउंस जैसे मामलों में समझौते की पर्याप्त संभावना रहती है। इसलिए दोनों पक्ष यदि आपसी सहमति से विवाद समाप्त करते हैं तो इससे सभी को लाभ होगा।
बैठक में मौजूद रहे अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी
बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सचिव विपिन कुमार, डिफेंस काउंसिल के चीफ वीरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अधिवक्ता लिपिक मौजूद रहे।
सभी ने विशेष लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग का भरोसा दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने उम्मीद जताई कि अधिवक्ताओं के सक्रिय सहयोग से 18 जुलाई को आयोजित विशेष लोक अदालत में अधिकतम मामलों का सौहार्दपूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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