दिल्ली की विशेष लोक अदालत ने ₹131.40 करोड़ के चेक बाउंस मामलों का निपटारा किया
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विशेष लोक अदालत ने 15036 चेक बाउंस मामलों का निपटारा किया, जिसके लिए ₹131.40 करोड़ रुपये का समझौता हुआ। यह आयोजन लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और वित्तीय विवादों के शीघ्र निपटारे के लिए किया गया था।

सौजन्य से:- Jagran
दिल्ली की विशेष लोक अदालत में हुआ 15036 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, ₹131.40 करोड़ पर समझौता
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने विशेष लोक अदालत का आयोजन कर 15,036 चेक बाउंस मामलों का निपटारा किया। इस दौरान 131.40 करोड़ रुपये की राशि पर समझौत ...और पढ़ें
HighLights
- डीएसएलएसए ने दिल्ली में विशेष लोक अदालत आयोजित की।
- 15,036 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, ₹131.40 करोड़ का समझौता।
- लंबित मुकदमों का बोझ कम करने में मिली बड़ी मदद।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) ने शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के तहत चेक बाउंस मामलों के निपटारे के लिए दिल्ली के सभी जिला अदालत परिसरों में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया।
इस दौरान कुल 15,036 मामलों का निपटारा किया गया और 131.40 करोड़ रुपये की राशि पर समझौता हुआ।
जल्द निपटारे में मदद कर रही लोक अदालत
डीएसएलएसए के अनुसार, चेक बाउंस के मामलों की बढ़ती संख्या और अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के उद्देश्य से इस विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। चूंकि, इस तरह के मामले मुख्य रूप से वित्तीय विवादों से जुड़े होते हैं और आपसी सहमति से उनका समाधान संभव होता है, इसलिए लोक अदालत इन्हें शीघ्र निपटाने का प्रभावी माध्यम साबित हो रही है।
प्राधिकरण ने बताया कि विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी जिला अदालतों के सहयोग से पहले ही व्यापक तैयारियां की गई थीं।
इसके तहत लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की गई, सभी पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजे गए, बैंकों के अधिकृत अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई व पर्याप्त संख्या में लोक अदालत पीठों का गठन किया गया। पक्षकारों के बीच समझौता कराने के लिए प्रशिक्षित मध्यस्थों की भी तैनाती की गई।
लोक अदालत से पहले विभिन्न अदालतों में प्री-लोक अदालत बैठकें भी आयोजित की गईं, ताकि अधिक से अधिक मामलों में पहले ही सहमति बन सके और सुनवाई के दिन उनका निपटारा किया जा सके।
विशेष लोक अदालत की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए डीएसएलएसए के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न अदालत परिसरों का दौरा किया।
पक्षकारों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सदस्य सचिव राजीव बंसल ने साकेत अदालत, विशेष सचिव तन्वी खुराना ने तीस हजारी अदालत, अतिरिक्त सचिव अभिनव पांडेय ने कड़कड़डूमा अदालत व सचिव (वाद) भारती गर्ग ने पटियाला हाउस अदालत परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, मध्यस्थों और पक्षकारों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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वादकारियों की सुविधा के लिए सभी प्रमुख अदालत परिसरों में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सहायता काउंटर भी स्थापित किए गए। प्राधिकरण के अनुसार, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, मध्यस्थों और पक्षकारों के सक्रिय सहयोग से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा संभव हो सका।
डीएसएलएसए अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को कम समय, कम खर्च और सरल प्रक्रिया में न्याय मिलता है। इससे न केवल लंबी मुकदमेबाजी से राहत मिलती है, बल्कि अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिलती है।
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