होमअपराध105 साल के कैदी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, उम्र देखकर अदालत ने दी जेल से रिहाई
अपराध

105 साल के कैदी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, उम्र देखकर अदालत ने दी जेल से रिहाई

Sign In Advertisement X सुप्रीम कोर्ट से एक चौंका देने वाले खबर सामने आई है, जहां देश की सबसे बड़ी अदालत ने उम्रकैद की सजा काट रहे 105 साल के एक बुजुर्ग कैदी…

21 अगस्त 2026 को 10:55 am बजे
105 साल के कैदी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, उम्र देखकर अदालत ने दी जेल से रिहाई

सौजन्य से:- AajTak

Sign In

Advertisement

X

सुप्रीम कोर्ट से एक चौंका देने वाले खबर सामने आई है, जहां देश की सबसे बड़ी अदालत ने उम्रकैद की सजा काट रहे 105 साल के एक बुजुर्ग कैदी को बरसों के लंबे इंतजार के बाद राहत देते हुए जेल से रिहाई दे दी. वह 1994 में एक हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास मिला था.

1920 में बंगाल के मालदा में जन्में रसिक चन्द्र मंडल को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद साल 2020 में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया गया था. इसके बाद साल 2024 में उसे पैरोल दी गई थी. अब CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने उस कैदी की उम्र को ख्याल करते हुए कहा कि अंतरिम रिहाई को जेल से 'समय से पहले रिहाई' में बदल दिया जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें: 10 साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तरुण तेजपाल, हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

यानी जिस व्यक्ति ने 1994 में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाई थी, उसने अपनी जिंदगी के 100 से ज्यादा साल पूरे कर लिए हैं. इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात उनकी उम्र है.

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर हैरानी जताई कि 1921 में जन्मा एक व्यक्ति आज भी जिंदा है और अपने केस के लिए वकीलों को निर्देश देने की हालत में है. साल 2020 से जेल से बाहर आने की कोशिश कर रहे इस बुजुर्ग को अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से बड़ी राहत मिल गई है.

---- समाप्त ----

TOPICS:

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र | Supreme Court Weekly Round-Up, Supreme Court, Weekly Round-Up
अपराध

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र | Supreme Court Weekly Round-Up, Supreme Court, Weekly Round-Up

आज, 23 अगस्त को, राष्ट्रीय सभा ने छह मसौदा कानूनों को मंजूरी देने के लिए मतदान किया।
अपराध

आज, 23 अगस्त को, राष्ट्रीय सभा ने छह मसौदा कानूनों को मंजूरी देने के लिए मतदान किया।

राष्ट्रीय विधानसभा ने कई महत्वपूर्ण कानूनों और संहिताओं को पारित करने के लिए मतदान किया।
अपराध

राष्ट्रीय विधानसभा ने कई महत्वपूर्ण कानूनों और संहिताओं को पारित करने के लिए मतदान किया।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बंद कमरे में जातिसूचक गाली देने पर SC/ST कानून लागू नहीं, जानिए ‘Public View’ की कानूनी शर्त
अपराध

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बंद कमरे में जातिसूचक गाली देने पर SC/ST कानून लागू नहीं, जानिए ‘Public View’ की कानूनी शर्त

राष्ट्रीय विधानसभा ने छह कानूनों को पारित करने के लिए मतदान किया और दंड संहिता में संशोधनों पर चर्चा की।
अपराध

राष्ट्रीय विधानसभा ने छह कानूनों को पारित करने के लिए मतदान किया और दंड संहिता में संशोधनों पर चर्चा की।

"गांवों को कानून की समझ" मॉडल का शुभारंभ समारोह: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गांवों तक कानून को पहुंचाना।
अपराध

"गांवों को कानून की समझ" मॉडल का शुभारंभ समारोह: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गांवों तक कानून को पहुंचाना।

झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों का 'चौंकाने वाला पेंडिंग मामला': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 44 साल की देरी पर चिंता जताई
अपराध

झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों का 'चौंकाने वाला पेंडिंग मामला': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 44 साल की देरी पर चिंता जताई

वकील मुवक्किल के खिलाफ गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि वह विरोधी बन गई है: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

वकील मुवक्किल के खिलाफ गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि वह विरोधी बन गई है: सुप्रीम कोर्ट

ताज़ा ख़बरें