₹1000 के विवाद में बैंक खाता फ्रीज करने की गड़बड़ी: स्थायी लोक अदालत ने SBI को तुरंत खाता खोलने का आदेश दिया
स्थायी लोक अदालत ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज करने की प्रक्रिया पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अर्जंसर शाखा को आदेश दिया है कि वह एक शिकायतकर्ता का फ्रीज किया गया खाता तुरंत खोल दे।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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"₹1000 के विवाद में पूरा खाता फ्रीज करना गलत":स्थायी लोक अदालत ने अरजनसर SBI को तत्काल खाता चालू करने के दिया आदेश
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स्थायी लोक अदालत ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज करने की प्रक्रिया पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अरजनसर शाखा को आदेश दिया है कि वह एक शिकायतकर्ता का फ्रीज किया गया खाता त
क्या था मामला?
शिकायतकर्ता के SBI खाते में 9 मई 2025 को ₹1,000 जमा हुए थे। यह राशि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत से जुड़ी थी। पंजाब के एसएएस नगर (फेज-1) पुलिस थाने से नोटिस मिलने के बाद बैंक ने शिकायतकर्ता का पूरा खाता फ्रीज कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसे इस राशि या भेजने वाले के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
अदालत की मुख्य टिप्पणियां
- पूरी राशि रोकना गलत: बैंक ने दलील दी कि कार्रवाई पुलिस के निर्देश पर हुई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर कोई राशि विवादित है, तो बैंक केवल उसी राशि को होल्ड (रोक) कर सकता है, पूरे खाते को नहीं।
- केरल हाईकोर्ट के फैसले का हवाला: अदालत ने 25 सितंबर 2023 के केरल हाईकोर्ट के 'डॉ. सचिन बनाम आरबीआई' मामले का जिक्र करते हुए दोहराया कि साइबर अपराधों में पूरे खाते को फ्रीज करना कानून की मंशा के खिलाफ है।
अदालत ने SBI को निर्देश दिया है कि वह विवादित ₹1,000 की राशि को होल्ड रखे, लेकिन शिकायतकर्ता के खाते का संचालन तुरंत बहाल करे। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह सोलंकी ने पैरवी की।
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