10 साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तरुण तेजपाल, हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
Sign In Advertisement X तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने पूर्व सहयोगी से रेप के मामले में गोवा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.…

सौजन्य से:- AajTak
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तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने पूर्व सहयोगी से रेप के मामले में गोवा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. तेजपाल ने हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की है, जिसमें उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया गया था. उन्होंने अपनी 10 साल की सजा को भी चुनौती दी है. अब इस मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी.
दरअसल, यह मामला तरुण तेजपाल पर उनकी एक पूर्व महिला सहयोगी के साथ रेप के आरोप से जुड़ा है. इस मामले में गोवा की निचली अदालत ने उन्हें पहले बरी कर दिया था. इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद तेजपाल को दोषी ठहराते हुए उन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी.
अब तरुण तेजपाल ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की है. उनकी याचिका में हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत उन्हें दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई. तेजपाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है. इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी.
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खास बात यह है कि तेजपाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किए जाने से दो दिन पहले गोवा सरकार ने भी शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल की थी. सरकार ने अपनी याचिका में तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है. यानी एक तरफ तरुण तेजपाल अपनी दोषसिद्धि और 10 साल की सजा को चुनौती दे रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ गोवा सरकार उनकी सजा बढ़ाने की मांग कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है, जब तरुण तेजपाल पर गोवा के एक होटल में अपनी पूर्व महिला सहयोगी से रेप करने का आरोप लगा था. इस मामले में गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच की थी. लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद गोवा की निचली अदालत ने मई 2021 में तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
गोवा हाईकोर्ट ने बाद में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया और उन्हें 10 साल की सजा सुनाई. हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ अब तेजपाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. उनका कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा.
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