पुलिस की अनिच्छा के बाद अदालत ने सुनवाई करते हुए 39 मामलों में दर्ज किए गए आरोप, जांच के आदेश।
वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने फरियाद नहीं सुनी, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ितों ने कोर्ट का सहारा लिया और अदालत के आदेश से 39 मामले दर्ज हुए। इनमें छह मामले महिला अपराध से जुड़े हैं।

सौजन्य से:- अमर उजाला
वाराणसी अपराध: पुलिस की ना, अदालत की हां, 60 दिन में कोर्ट पहुंचे 39 पीड़ित, दर्ज हुए मामले
वाराणसी समाचार: वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने फरियाद नहीं सुनी तो पीड़ित कोर्ट पहुंचे। जहां अदालत के आदेश के बाद मामले दर्ज किए गए और विवेचना शुरू हुई।
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वाराणसी समाचार: पुलिस की प्रारंभिक जांच में जिन मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से इन्कार कर दिया गया, उनमें पीड़ितों को अदालत की शरण लेनी पड़ी। अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करने के बाद सुनवाई हुई और पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए गए। 60 दिनों में ऐसे 39 मामलों में अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई। छह मामले महिला अपराध से जुड़े हैं।
रोहनिया में करोड़ों की जमीन की धोखाधड़ी, मकान के करोड़ों रुपये की सौदेबाजी में धोखाधड़ी का मामला, मृतक के फर्जी हस्ताक्षर का मामला, नामी कंपनी के केबल चोरी का मामला हो या युवती से यौन उत्पीड़न का मामला हो। पुलिस ने इन मामलों में पीड़ितों को टरकाया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
ताजा मामला रोहनिया में करोड़ों की जमीन की बिक्री का रहा। पीड़ित ने कोर्ट में आवेदन देकर गुमराह करने और गलत तरीके से बैनामे का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में सुनवाई नहीं की तो पीड़ित पक्ष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
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मिर्जामुराद में एक मृत व्यक्ति के नाम से मुकदमे के दस्तावेज में फर्जी हस्ताक्षर का मामला सामने आया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित पक्ष ने कोर्ट का सहारा लिया और कोर्ट के आदेश परः प्राथमिकी दर्ज हुई। एक टेलिकॉम कंपनी की साइट से केबल समेत अन्य सामान चोरी हुआ। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। कंपनी कोर्ट का सहारा लिया तब जाकर मामला दर्ज हुआ।
केस-1
राजातालाब में महिला से मारपीट, छेड़खानी और तोड़फोड़ के मामले में शिकायत करने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। पीड़िता ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। चौबेपुर में महिला से छेड़खानी और चेन स्नेचिंग के मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
केस-2
अस्पताल संचालक पर इलाज में लापरवाही बरतने और समय पर रेफर नहीं करने पर चोलापुर में कपुरचंद्र अग्रहरी ने थाने में तहरीर दी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पीड़ित कोर्ट गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
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केस-3
रोहनिया थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्त शिक्षक से 50 करोड़ की जमीन फर्जी तरीके से बैनामा का आरोप लगा, पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
केस-4
कैंट थाने में फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने के मामले में जब पुलिस ने नहीं सुनी तो पीड़िता संगीता भारद्वाज ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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