स्थायी लोक अदालत: अधिकारियों को जागरूक करने का अभियान
बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिकारियों को स्थायी लोक अदालत के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण के दौरान कानूनी सहायता, सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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स्थायी लोक अदालत पर अधिकार मित्रों को प्रशिक्षण:सार्वजनिक सेवाओं के विवादों के समाधान और निःशुल्क कानूनी सहायता पर जागरूक किया
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बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पंकज तोमर के मार्गदर्शन में गुरुवार को बागेश्वर के ब्लॉक सभागार में स्थायी लोक अदालत विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक
प्रशिक्षण के दौरान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने अधिकार मित्रों को बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत गठित स्थायी लोक अदालत मुख्य रूप से सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवहन, डाक एवं टेलीफोन, बिजली, पानी, सफाई, अस्पताल एवं चिकित्सा सेवाओं, बीमा और बैंकिंग जैसी सेवाओं से संबंधित विवादों में स्थायी लोक अदालत की सहायता ली जा सकती है।
सचिव ने यह भी बताया कि स्थायी लोक अदालत की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यहां मामला दर्ज कराने के लिए कोई कोर्ट फीस नहीं लगती। इसके अतिरिक्त, व्यक्ति बिना किसी वकील के भी स्वयं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
उन्होंने जानकारी दी कि स्थायी लोक अदालत में सर्वप्रथम दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास किया जाता है। यदि समझौता नहीं हो पाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामले के गुण-दोष के आधार पर निर्णय दिया जा सकता है। स्थायी लोक अदालत का निर्णय पक्षकारों के लिए बाध्यकारी होता है और इसे सिविल कोर्ट की डिक्री के समान ही मान्यता प्राप्त है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निःशुल्क कानूनी सहायता, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987, पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) की भूमिका, विधिक सेवाओं के कार्य तथा अधिनियम की धारा 12 के अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता के पात्र व्यक्तियों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
सचिव अनीता कुमारी ने अधिकार मित्रों से अपील की कि वे स्थायी लोक अदालत और निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। इसका उद्देश्य यह है कि जरूरतमंद लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
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