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अमेरिका में खालिस्तानी आतंकवादियों को छूना अपराध हो सकता है?

अमेरिकी संसद में एक नया विधेयक पेश किया गया है, जिसमें भारत विरोधी खालिस्तानी आतंकवादियों को अमेरिका में अपराधी घोषित करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक के तहत, अमेरिका में रहने वाले विरोधियों को डराने-धमकाने को अपराध माना जाएगा और दोषियों को 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

22 जुलाई 2026 को 06:13 am बजे
अमेरिका में खालिस्तानी आतंकवादियों को छूना अपराध हो सकता है?

सौजन्य से:- Navbharat Times

अमेरिका भारत विरोधी खालिस्तानी आतंकवादियों को बचाने के लिए ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट बनाने जा रहा है। अमेरिकी संसद में इस विधेयक को डेमोक्रेटिक सीनेटर एडम शिफ और रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने पेश किया है। इसमें अमेरिका में रहने वाले विरोधियों को डराने-धमकाने को अपराध घोषित करने की मांग की गई है।

वॉशिंगटन: अमेरिका अपने देश में रहने वाले खालिस्तानियों और दूसरे देशों के आतंकवादियों को बचाने के लिए नया कानून लाने जा रहा है। इस कानून के तहत अमेरिका में रहने वाले कथित 'राजनीतिक विरोधियों' और 'एक्टिविस्टों को डराने-धमकाने की विदेशी सरकारों की कोशिशों को अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा। इसे स्टॉप ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट 2026 नाम दिया गया है। अमेरिका ने ऐसे कानून पर चर्चा तब शुरू हुई है, जब खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को लेकर भारत के साथ रिश्तों में तनाव है।

किसने पेश किया विधेयक

इस विधेयक को डेमोक्रेटिक सीनेटर एडम शिफ और रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने प्रायोजित किया है। अगर यह विधेयक कानून बनता है तो अमेरिका में पहली बार ट्रांसनेशनल रिप्रेशन को एक खास संघीय अपराध बनाया जाएगा। इससे अमेरिकी धरती पर असहमति को दबाने की विदेशी कोशिशों की जांच और उन पर मुकदमा चलाने के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट और FBI का अधिकार क्षेत्र बढ़ेगा।

प्रस्तावित विधेयक में क्या है?

प्रस्तावित विधेयक के तहत, ट्रांसनेशनल रिप्रेशन के दोषी पाए जाने वाले लोगों को अन्य अपराधों के लिए मिलने वाली सजा के अलावा 10 साल तक की अतिरिक्त जेल और $100,000 तक का जुर्माना हो सकता है। यह बिल ऐसे मामलों की पैरवी में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के नेशनल सिक्योरिटी डिवीन और नेशनल सिक्योरिटी के लिए असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल की भूमिका को भी मजबूत करेगा। इस विधेयक में में पहली बार दमन को एक खास संघीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है

भारत-अमेरिका संबंध होंगे खराब

यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां विदेशी सरकारों पर अपनी सीमाओं के बाहर आलोचकों की आवाज दबाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। अमेरिका ने ऐसा ही आरोप भारत पर भी लगाया है। अमेरिका का आरोप है कि भारत के एक एजेंट ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतपंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रची थी, लेकिन उसे समय रहते ही नाकाम कर दिया गया था। हालांकि, भारत ने ऐसे आरोपों को खारिज कर एक जांच शुरू की थी।

लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रप्रियेश मिश्र नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (Principal Digital Content Producer) के पद पर कार्यरत हैं। वे नवभारत टाइम्स की दुनिया (World) सेक्शन से जुड़े हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनका 10 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने मार्च 2020 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

प्रियेश मिश्र के पास वैश्विक घटनाक्रम, युद्ध, सैन्य संघर्ष, राजनयिक तनाव, कूटनीति जैसे विषयों पर न्यूज कवरेज का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पिछले 5 वर्षों में आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020-2024, इजरायल-हमास गाजा युद्ध, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्तान संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर, तालिबान-पाकिस्तान संघर्ष, चीन-ताइवान विवाद, वेनेजुएला संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम का कवरेज किया है।

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